जोधपुर के नागौरी गेट इलाके में नगर निगम ने एक बंद पड़ी रंगाई-छपाई इकाई को बिना नोटिस बुलडोजर से तोड़ दिया, जिससे आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। कार्रवाई से नाराज स्थानीय लोगों ने धरना दिया, जिसे पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद खत्म कराया गया। नगर निगम का कहना है कि रिहायशी इलाकों में डाइंग-प्रिंटिंग इकाइयां नियमों के खिलाफ हैं, जबकि हाथ से पारंपरिक रंगाई-छपाई करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी।
बुधवार को नागौरी गेट इलाके में नगर निगम जोधपुर ने एक रंगाई-छपाई की इकाई को बुलडोजर से तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इकाई पिछले दो महीनों से बंद पड़ी थी और वहां कोई कामकाज नहीं हो रहा था। इसके बावजूद बिना किसी नोटिस या पहले से जानकारी दिए तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
मकान मालिक ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन टीम ने उसकी एक नहीं सुनी और आगे की दीवार तोड़ दी। इस कार्रवाई से पास के मकान को भी नुकसान पहुंचा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और नागौरी गेट के पास धरना दे दिया। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद लोग शांत हुए और धरना खत्म कर दिया गया।
ACP मंगलैश चुंडावत के मुताबिक बातचीत के बाद हालात सामान्य हो गए। नगर निगम रिहायशी इलाकों में चल रही डाइंग-प्रिंटिंग इकाइयों की पहचान कर रहा है। नियमों के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में टेक्सटाइल प्रिंटिंग मशीनों की अनुमति नहीं है, क्योंकि इनसे प्रदूषित पानी निकलता है।
निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलछामी ने इस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, पूर्व पार्षद जफरान के अनुसार जो लोग पारंपरिक तरीके से हाथ से रंगाई-छपाई कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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