जोधपुर के जालौरी गेट इलाके में पुलिस ने नकली एनसीईआरटी और पाठ्यपुस्तक मंडल की किताबों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। इस संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में फर्जी किताबों का कारोबार सामने आया।
जोधपुर के जालौरी गेट क्षेत्र में नकली किताबों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल की टीम के साथ मिलकर संयुक्त रेड की। इस ऑपरेशन में सामने आया कि एनसीईआरटी और मंडल की किताबों की नकली कॉपियां बड़े स्तर पर तैयार की जा रही थीं और बाजार में सप्लाई की जा रही थीं।
यह अवैध कारोबार सिर्फ पब्लिशर्स और मंडल को आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचा रहा था, बल्कि छात्रों की पढ़ाई को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा था। नकली किताबों में खराब प्रिंट क्वालिटी और कई बार गलत कंटेंट होने की वजह से छात्रों को सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उनकी पढ़ाई कमजोर होती है।
शहर में इस तरह का नेटवर्क मिलना पूरे शिक्षा सिस्टम के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है। जब किताबें ही असली नहीं होंगी, तो स्कूल और कोचिंग में पढ़ाई जाने वाली सामग्री की विश्वसनीयता पर सवाल उठना तय है। साथ ही, सस्ती नकली किताबों के कारण असली किताबों की मांग घटती है, जिससे सरकारी मंडल और छात्रों दोनों को आर्थिक नुकसान होता है।
इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि अब ऐसे अवैध नेटवर्क के खिलाफ सख्ती बढ़ेगी। आम लोगों, खासकर पैरेंट्स और स्टूडेंट्स को सलाह दी गई है कि किताबें खरीदते समय सावधानी बरतें। असली किताबों पर मंडल या एनसीईआरटी का होलोग्राम, साफ प्रिंट और सही कीमत अंकित होती है, जबकि नकली किताबों में कागज हल्का, प्रिंट धुंधला और कीमत असामान्य रूप से कम हो सकती है।
यदि किसी को कहीं संदिग्ध किताबें मिलती हैं, तो इसकी जानकारी नजदीकी थाने या संबंधित विभाग को देना जरूरी है। आगे इन मामलों में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सजा भी हो सकती है। लगातार ऐसी कार्रवाइयों से उम्मीद है कि जोधपुर में नकली किताबों के कारोबार पर लगाम लगेगी, बशर्ते प्रशासन के साथ जनता भी जागरूक और सहयोगी बने।
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