सवाई माधोपुर और रणथंभौर के आसपास तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों और हमलों की घटनाओं ने ग्रामीणों में डर का माहौल बना दिया है। विशेषज्ञों ने बढ़ते इंसान-वन्यजीव टकराव को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई है।
राजस्थान के सवाई माधोपुर और रणथंभौर से सटे इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। हाल के महीनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें तेंदुओं के इंसानों और पालतू जानवरों पर हमले ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय इलाकों निमचौकी और कॉलोनी क्षेत्रों के आसपास तेंदुए की लगातार आवाजाही देखी गई है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुए कई बार मवेशियों को शिकार बना चुके हैं, जिससे लोगों में भय बढ़ा है। हाल ही में एक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया, जब एक तेंदुए ने एक बच्चे पर झपट्टा मार दिया।
हालांकि बच्चे की मां ने साहस दिखाते हुए तेंदुए का सामना किया और अपने बेटे की जान बचा ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया।
इससे पहले दिसंबर 2025 में रणथंभौर के पास अतीला बालाजी मंदिर क्षेत्र में भी दर्दनाक घटना सामने आई थी। यहां पिता के साथ जा रहे 7 साल के बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। झाड़ियों से निकले तेंदुए ने बच्चे को गर्दन से पकड़कर घसीट लिया था। बाद में बच्चे का शव बरामद हुआ और वन विभाग ने पुष्टि की थी कि हमला तेंदुए ने ही किया था।
सिर्फ इंसानों ही नहीं, बल्कि बकरियों और अन्य पालतू जानवरों पर हमलों की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग शाम ढलते ही घरों में सिमटने लगे हैं। महिलाएं और बच्चे जंगल किनारे जाने, पानी लाने, लकड़ी इकट्ठा करने और खेतों में जाने से डर रहे हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह टकराव अचानक नहीं बढ़ा, बल्कि इसके पीछे कई कारण हैं। जंगलों के आसपास अनियोजित बस्तियों का विस्तार, वन गलियारों में अतिक्रमण, सड़क और निर्माण कार्य, साथ ही प्राकृतिक शिकार की कमी तेंदुओं को आबादी वाले इलाकों की तरफ धकेल रही है।
विशेषज्ञों ने समाधान के तौर पर सुरक्षित बाड़बंदी, मॉर्निंग-इवनिंग गश्त, ग्रामीणों के लिए जागरूकता अभियान और जरूरत पड़ने पर समस्या पैदा करने वाले तेंदुओं को रेस्क्यू कर दूसरे सुरक्षित क्षेत्रों में शिफ्ट करने जैसे उपाय सुझाए हैं।
फिलहाल सवाई माधोपुर में बढ़ती तेंदुआ हलचल ने वन विभाग, प्रशासन और स्थानीय समुदाय के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब नजर इस बात पर है कि इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते इस टकराव को रोकने के लिए कितनी तेजी से ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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