आर्टेमिस II मिशन: चांद के पास पहुंचकर भावुक हुए अंतरिक्ष यात्री, बताया “दूसरी दुनिया जैसा अनुभव”

4/17/2026, 3:00:00 PM

आर्टेमिस II मिशन से लौटे अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने अनुभव को भावनात्मक और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने चांद के पास पहुंचकर रिकॉर्ड दूरी तय की और अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखकर गहरा असर महसूस किया। मिशन ने न सिर्फ तकनीकी उपलब्धि हासिल की, बल्कि मानवता को जोड़ने का संदेश भी दिया।

नासा के आर्टेमिस II मिशन से लौटने के छह दिन बाद चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने जॉनसन स्पेस सेंटर में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके साथ उनका ज़ीरो-ग्रैविटी मैस्कॉट “Rise” भी मौजूद था। इस ऐतिहासिक मिशन में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरमी हैनसेन शामिल थे। कमांडर वाइजमैन ने अपने साथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह मिशन उनके आपसी सहयोग के बिना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि इस मिशन ने उन्हें हमेशा के लिए जोड़ दिया है, जैसे एक परिवार। करीब 10 दिन के इस मिशन को अंतरिक्ष यात्रियों ने तकनीकी और भावनात्मक दोनों तरह से बेहद खास बताया। वाइजमैन ने कहा कि जब वे पृथ्वी पर लौटे, तो दुनिया भर से मिले समर्थन और गर्व को देखकर वे हैरान रह गए। उनका कहना था कि इस मिशन का मकसद दुनिया को एकजुट करना भी था। यह मिशन अपोलो युग के बाद पहली बार था जब इंसान चांद के इतना करीब गया। उड़ान के दौरान ओरियन कैप्सूल ने पृथ्वी से 252,756 मील (406,771 क