व्हाइट हाउस ऐप पर डेटा बेचने का दावा: सच क्या है?

4/17/2026, 2:05:00 PM

व्हाइट हाउस की नई ऐप को लेकर सोशल मीडिया पर डेटा बेचने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। रिपोर्ट्स में सिर्फ लोकेशन डेटा कलेक्शन और थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन को लेकर चिंता जताई गई है। फिलहाल यह दावा भ्रामक माना जा रहा है, हालांकि प्राइवेसी को लेकर सवाल बने हुए हैं।

हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और फॉरवर्ड मैसेज तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि व्हाइट हाउस की नई आधिकारिक मोबाइल ऐप यूज़र्स का लोकेशन डेटा “चुपचाप बेच रही है” और ऐप इंस्टॉल करते ही हर मूवमेंट किसी प्राइवेट कंपनी तक पहुंच जाता है। लेकिन जब इस दावे की गहराई से जांच की गई, तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने 27 मार्च 2026 को अपनी ऑफिशियल मोबाइल ऐप लॉन्च की थी। इस ऐप में लाइव प्रेस ब्रीफिंग, पॉलिसी अपडेट, मीडिया गैलरी और ICE टिप-रिपोर्टिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। लॉन्च के पहले ही हफ्ते में इसे करीब 7 लाख बार डाउनलोड किया गया, जिसके बाद प्राइवेसी रिसर्चर्स की नजर इस पर गई। रिसर्चर्स ने ऐप में संभावित लोकेशन-लॉगिंग मैकेनिज्म और कुछ थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन को लेकर चिंता जताई। इनमें कुछ ऐसे टूल्स का भी जिक्र हुआ, जिनका संबंध प्रतिबंधित चीनी कंपनी Huawei से बताया गया। इससे प्राइवेसी को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि “डेटा