यूरोप में Meta की WhatsApp AI फीस नीति पर European Commission ने आपत्ति जताई है और थर्ड-पार्टी AI के लिए फ्री एक्सेस बहाल करने को कहा है। आयोग का मानना है कि यह कदम प्रतिस्पर्धा को खत्म कर सकता है, जबकि Meta का कहना है कि इससे छोटे बिजनेस पर खर्च बढ़ेगा। अब यह विवाद बड़ा रूप ले रहा है, इटली में भी जांच शुरू हो गई है और एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह मामला पूरे AI मार्केट और Big Tech के कंट्रोल को प्रभावित कर सकता है।
यूरोप में Meta और उसके मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें AI सेवाओं को लेकर नई नीति पर सवाल उठ रहे हैं। मामला तब शुरू हुआ जब Meta ने WhatsApp Business पर थर्ड-पार्टी AI चैटबॉट्स के इस्तेमाल के लिए फीस लागू करने का फैसला किया।
पहले यह सुविधा पूरी तरह फ्री थी, लेकिन मार्च 2026 से कंपनियों को इसके लिए भुगतान करना जरूरी कर दिया गया। यह पूरा मामला Meta, WhatsApp और यूरोप के रेगुलेटर European Commission के बीच AI को लेकर बढ़ते विवाद से जुड़ा है। नीचे इसे आसान और डिटेल में समझो:
👉 सीधी बात: यह सिर्फ WhatsApp का मामला नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि आने वाले समय में AI पर कंट्रोल किसका रहेगा—बड़ी कंपनियों का या खुले मार्केट का।
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Netgram Team. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.