WhatsApp AI विवाद: Meta और यूरोपीय आयोग आमने-सामने

4/16/2026, 1:00:00 PM

यूरोप में Meta की WhatsApp AI फीस नीति पर European Commission ने आपत्ति जताई है और थर्ड-पार्टी AI के लिए फ्री एक्सेस बहाल करने को कहा है। आयोग का मानना है कि यह कदम प्रतिस्पर्धा को खत्म कर सकता है, जबकि Meta का कहना है कि इससे छोटे बिजनेस पर खर्च बढ़ेगा। अब यह विवाद बड़ा रूप ले रहा है, इटली में भी जांच शुरू हो गई है और एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह मामला पूरे AI मार्केट और Big Tech के कंट्रोल को प्रभावित कर सकता है।

यूरोप में Meta और उसके मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें AI सेवाओं को लेकर नई नीति पर सवाल उठ रहे हैं। मामला तब शुरू हुआ जब Meta ने WhatsApp Business पर थर्ड-पार्टी AI चैटबॉट्स के इस्तेमाल के लिए फीस लागू करने का फैसला किया। पहले यह सुविधा पूरी तरह फ्री थी, लेकिन मार्च 2026 से कंपनियों को इसके लिए भुगतान करना जरूरी कर दिया गया। यह पूरा मामला Meta, WhatsApp और यूरोप के रेगुलेटर European Commission के बीच AI को लेकर बढ़ते विवाद से जुड़ा है। नीचे इसे आसान और डिटेल में समझो: 1. मामला क्या है? Meta ने WhatsApp Business में एक नया नियम लागू किया, जिसमें थर्ड-पार्टी AI चैटबॉट्स (जैसे दूसरे AI टूल्स) को इस्तेमाल करने के लिए फीस लगाई गई। पहले ये एक्सेस फ्री थी, लेकिन अब कंपनियों को पैसे देने पड़ते। 2. यूरोपीय आयोग की आपत्ति European Commission का कहना है: यह फीस निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा (Fair Competition) के खिलाफ है Meta जानबूझकर दूसरी AI कंपनियों को प्लेटफॉर्म

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