28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। जिस विमान से वे यात्रा कर रहे थे, वह पहले भी 2023 में हादसे का शिकार हो चुका था। अजित पवार अपनी सख्त और तेज़ प्रशासनिक शैली के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा हुआ है, महायुति गठबंधन को झटका लगा है और आगामी चुनावों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। सरकार ने 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
28 जनवरी 2026 की सुबह महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद दुखद रही। बारामती की हवाई पट्टी से उठता धुएं का गुबार पूरे देश के लिए चौंकाने वाला था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया।
यह सिर्फ एक नेता की मौत नहीं, बल्कि एक सख्त और काम करने वाली प्रशासनिक सोच का अंत माना जा रहा है। 1. अजित पवार जिस लियरजेट 45 विमान में थे, वह सितंबर 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर हादसे का शिकार हो चुका था। तब बड़ा नुकसान टल गया था, लेकिन इस बार लैंडिंग के दौरान विमान में विस्फोट हो गया।
कंपनी ने विमान को सुरक्षित बताया था, लेकिन हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए। 2. अजित पवार अपनी दबंग और साफ प्रशासनिक शैली के लिए जाने जाते थे। मंत्रालय में फाइलें रोकना उनकी आदत नहीं थी। समर्थक ही नहीं, विरोधी भी उनकी कार्यशैली की तारीफ करते थे।
हादसे से कुछ घंटे पहले तक वे सरकारी योजनाओं से जुड़े पोस्ट कर रहे थे। 3. उनके निधन के बाद निगाहें बेटे पार्थ पवार पर हैं। लेकिन हालिया जमीन विवादों के कारण उनकी राह आसान नहीं मानी जा रही। अब सवाल है कि परिवार और पार्टी को कौन संभालेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उनके बाद कोई उनकी तरह सख्त फैसले लेने वाला नेता उभर पाएगा, या महाराष्ट्र की राजनीति नया मोड़ लेगी?
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