नई डिलिमिटेशन: भारत के चुनावी सिस्टम में बड़ा बदलाव संभव
4/15/2026, 11:10:00 AM
केंद्र सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर नया डिलिमिटेशन कमीशन बनाने की तैयारी में है, जिससे लोकसभा सीटें 550 से बढ़कर करीब 850 हो सकती हैं और विधानसभा सीटों में भी बढ़ोतरी संभव है। इससे चुनावी क्षेत्रों की सीमाएं बदलेंगी और प्रतिनिधित्व का नया संतुलन बनेगा। हालांकि, उत्तर-दक्षिण राज्यों के बीच हिस्सेदारी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है, इसलिए सरकार को सभी पक्षों के साथ सहमति बनानी होगी।
केंद्र सरकार देश के चुनावी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2011 की जनगणना के आधार पर एक नया डिलिमिटेशन कमीशन गठित किया जा सकता है, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या और उनकी सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा। यह कदम बढ़ती आबादी और बदलते जनसांख्यिकीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है। इस प्रस्ताव में सबसे बड़ा बदलाव लोकसभा सीटों की संख्या में देखने को मिल सकता है। फिलहाल इसकी अधिकतम सीमा 550 है, लेकिन इसे लगभग 55% बढ़ाकर 850 तक ले जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्यों की विधानसभा सीटों में भी बढ़ोतरी की संभावना है, ताकि हर क्षेत्र को उसकी आबादी के अनुसार उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। डिलिमिटेशन का मतलब सिर्फ सीटों की संख्या बढ़ाना नहीं होता, बल्कि चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं को इस तरह से दोबारा तय करना भी होता है कि आबादी, भौगोलिक स्थिति, सामाजिक संरचना और प्रशासनिक इकाइयों के बीच संतुलन बना रहे। पिछली बार यह प्रक्रिया 2000 के दश