भारत की अर्थव्यवस्था: ग्रोथ के साथ महंगाई और बाजार का दबाव भी बढ़ा
4/15/2026, 10:47:00 AM
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने FY27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 6.5% और FY25 के लिए 7.6% रहने का अनुमान दिया है, जो मजबूत आर्थिक संकेत है। लेकिन मध्य-पूर्व तनाव और ऊर्जा कीमतों के कारण रुपया 93.39 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया और बाजार में गिरावट देखी गई। Nomura के मुताबिक FY27 में महंगाई करीब 5% तक जा सकती है। ऐसे में ग्रोथ के साथ महंगाई और वैश्विक जोखिम बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। अपनी ताजा रिपोर्ट में IMF ने वित्त वर्ष 2026–27 (FY27) के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। वहीं FY25 के लिए यह अनुमान बढ़ाकर 7.6% कर दिया गया है, जिसका कारण चौथी तिमाही और साल के मध्य में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन रहा। हालांकि, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव के बावजूद IMF का मानना है कि भारत की ग्रोथ “अनिश्चित लेकिन सकारात्मक” दिशा में आगे बढ़ रही है। अगर वैश्विक हालात ज्यादा नहीं बिगड़ते, तो 2026 और 2027 में वैश्विक ग्रोथ क्रमशः 3.1% और 3.2% रह सकती है, जो महामारी-पूर्व औसत से कम है। ऐसे माहौल में भारत की 6.5% वृद्धि दर मजबूत मानी जा रही है। आम लोगों के लिए इसका मतलब है कि अगर घरेलू नीतियां स्थिर रहती हैं और महंगाई नियंत्रण में रहती है, तो आने वाले वर्षों में नौकरियां, आय और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के अवसर बढ़ सक