क्यों फेल हुई ईरान-अमेरिका शांति वार्ता? भरोसे की कमी और न्यूक्लियर मुद्दा बना सबसे बड़ी रुकावट

4/13/2026, 12:50:00 PM

अमेरिका-ईरान वार्ता बिना समझौते खत्म हुई, मुख्य विवाद परमाणु मुद्दा और भरोसे की कमी रहा। फिर भी बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है और आगे नई वार्ता की उम्मीद है। हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर।

ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता बिना किसी अंतिम समझौते के खत्म हो गई, लेकिन बातचीत से यह उम्मीद जरूर बनी हुई है कि संवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यह 1979 की ईरानी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच सबसे उच्च स्तर की बैठक थी, जो रात भर चली। इस बातचीत की खास बात यह रही कि पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। पाकिस्तान के दोनों देशों से अच्छे संबंध हैं और वह इस युद्ध में शामिल भी नहीं था, इसलिए वह दोनों को एक टेबल पर लाने में सफल रहा। अमेरिका ने ईरान के सामने बड़ा प्रस्ताव रखा था—अगर ईरान मान जाए तो उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं, उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पूरी तरह शामिल किया जा सकता है और साझेदारी भी संभव है। लेकिन ईरान इस प्रस्ताव को “समर्पण” की तरह देख रहा था और वह इसके लिए तैयार नहीं हुआ। ईरान को लगता है कि युद्ध के दौरान उसने भी कुछ रणनीतिक बढ़त हासिल की है, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पकड़, जिससे उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव मिलता है।