राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त फैसला: ‘हुक्का-पानी बंद’ जैसी सामाजिक सजा अब असंवैधानिक

4/13/2026, 11:07:00 AM

राजस्थान हाईकोर्ट ने ‘हुक्का-पानी बंद’ जैसे सामाजिक बहिष्कार को असंवैधानिक बताया और कहा कि यह लोगों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। अब पीड़ित परिवार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर सकेंगे। इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में सामाजिक न्याय मजबूत होगा और कमजोर वर्गों को राहत मिलेगी।

जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में ‘हुक्का-पानी बंद’ जैसी सामाजिक बहिष्कार की प्रथा को असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति या परिवार को समाज से अलग करने, रिश्ते तोड़ने या रोजमर्रा के संपर्क खत्म करने जैसी धमकियां संविधान के मूल अधिकारों के खिलाफ हैं। यह आदेश जोधपुर बेंच द्वारा सुनाया गया और इसे एक बड़ा और अहम फैसला माना जा रहा है, खासकर ग्रामीण राजस्थान के संदर्भ में। क्या था मामला याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ गांवों में पंचायत या दबंग समूह जाति, प्रेम विवाह, जमीन विवाद या अन्य सामाजिक मतभेदों के आधार पर लोगों को ‘हुक्का-पानी बंद’ की सजा दे रहे थे। इस सजा का मतलब होता है कि गांव के लोग उस व्यक्ति या परिवार से बात नहीं करेंगे, उन्हें दुकानों से सामान नहीं मिलेगा और उन्हें किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा। इससे प्रभावित परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से भारी दबाव में आ जाते हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी हाईकोर्ट ने इस प्रथा पर कड