अमेरिका द्वारा ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी के ऐलान के बाद तेल की कीमत $103 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में जहाजों की आवाजाही कम हो गई है। इस तनाव का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा, जहां एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले का सीधा असर तेल की कीमतों और शेयर बाजारों पर देखने को मिला।
तेल की कीमतों में तेज उछाल ब्रेंट क्रूड, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल का मुख्य बेंचमार्क है, रविवार को 8% से ज्यादा बढ़कर $103 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। यह पहली बार है जब कीमत $100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर गई, जबकि इससे पहले मंगलवार को यह $111 तक पहुंची थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना (US Navy) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से आने-जाने वाले जहाजों को रोकेगी। यह फैसला उस समय लिया गया जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रही युद्धविराम (ceasefire) बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई।
हालांकि, बाद में US Central Command ने स्पष्ट किया कि पूरी नाकेबंदी नहीं होगी, बल्कि सिर्फ ईरान से जुड़े जहाजों को रोका जाएगा। यह नाकेबंदी सोमवार सुबह 10 बजे (ET) यानी 14:00 GMT से लागू होगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की अहमियत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने भी यहां अपने स्तर पर रोक जैसी स्थिति बना दी थी, जिससे पहले ही सप्लाई प्रभावित हो चुकी थी।
जहाजों की आवाजाही में भारी कमी युद्ध से पहले रोज करीब 130 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर सिर्फ 17 रह गई है। ईरान कुछ जहाजों को ही अनुमति दे रहा है, वो भी जांच और मंजूरी के बाद।
पहले भी कीमतों में उतार-चढ़ाव पिछले महीने तेल की कीमत $119 तक पहुंच गई थी। फिर अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद यह गिरकर $92 तक आ गई थी। अब फिर से तनाव बढ़ने के कारण कीमतों में तेजी आ गई है।
एशियाई शेयर बाजारों पर असर इस खबर का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी पड़ा: जापान का Nikkei 225 करीब 0.9% गिरा दक्षिण कोरिया का KOSPI 1% से ज्यादा नीचे गया इसके अलावा, अमेरिका के S&P 500 से जुड़े फ्यूचर्स भी करीब 0.8% गिर गए।
निष्कर्ष अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहा है। तेल की कीमतों में उछाल और शेयर बाजारों में गिरावट से साफ है कि आने वाले दिनों में स्थिति और अस्थिर हो सकती है।
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