Elon Musk और Telegram CEO Pavel Durov ने WhatsApp की प्राइवेसी पर सवाल उठाए, एक अमेरिकी केस के बाद जिसमें मैसेज शेयर करने के आरोप लगे हैं। Musk ने WhatsApp पर भरोसा न करने की बात कही, जबकि Meta ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि प्लेटफॉर्म पूरी तरह end-to-end encrypted है। यह मामला टेक कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और यूजर डेटा की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता को दिखाता है।
10 अप्रैल 2026 को एक बड़ी टेक विवाद सामने आया, जिसमें Elon Musk और Telegram के CEO Pavel Durov ने WhatsApp की प्राइवेसी और सुरक्षा पर सवाल उठाए। यह मुद्दा एक नए अमेरिकी केस (class action lawsuit) के बाद और ज्यादा चर्चा में आ गया।
क्या हैं आरोप? अमेरिका में दायर इस केस में आरोप लगाया गया है कि Meta के स्वामित्व वाला WhatsApp: यूजर्स के प्राइवेट मैसेज को इंटरसेप्ट करता है उन्हें थर्ड पार्टी कंपनियों (जैसे Accenture) के साथ शेयर करता है जबकि दावा करता है कि उसके मैसेज पूरी तरह सुरक्षित (end-to-end encrypted) हैं यानी यूजर्स को जो प्राइवेसी का भरोसा दिया जाता है, वह सही नहीं है— ऐसा आरोप लगाया गया है।
Elon Musk का रिएक्शन Elon Musk ने सीधे कहा, “WhatsApp पर भरोसा नहीं किया जा सकता”। उन्होंने लोगों को अपने प्लेटफॉर्म X Chat पर शिफ्ट होने की सलाह दी और दावा किया कि वहां “असली प्राइवेसी” मिलती है।
Telegram CEO का बयान Pavel Durov ने भी WhatsApp पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि WhatsApp की “encryption” इतिहास का सबसे बड़ा consumer fraud हो सकती है और यह अरबों यूजर्स को गुमराह कर रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि Telegram कभी यूजर्स के मैसेज शेयर नहीं करता और आगे भी नहीं करेगा।
Meta (WhatsApp) का जवाब Meta ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया। कंपनी का कहना है: WhatsApp पिछले 10 साल से Signal protocol पर आधारित end-to-end encryption इस्तेमाल करता है इसका मतलब है कि मैसेज सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही पढ़ सकता है WhatsApp खुद भी इन मैसेज को एक्सेस नहीं कर सकता
पुरानी rivalry भी बनी वजह यह विवाद सिर्फ प्राइवेसी तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े टेक लीडर्स के बीच पुरानी प्रतिस्पर्धा भी इसमें दिखती है: Elon Musk (X) vs Mark Zuckerberg (Meta) Meta ने Threads लॉन्च करके X को टक्कर दी Musk ने अपने AI Grok को Meta AI से बेहतर बताया 2023 में Musk ने Zuckerberg को cage fight तक चैलेंज कर दिया था
केस में क्या मांग की गई है? इस केस में यूजर्स ने: ज्यूरी ट्रायल की मांग की है कंपनी के खिलाफ कानूनी रोक (injunction) की मांग की है और नुकसान की भरपाई (compensation) की भी मांग की है
निष्कर्ष यह मामला सिर्फ WhatsApp की प्राइवेसी का नहीं, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में यूजर डेटा की सुरक्षा और भरोसे का है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो इसका असर करोड़ों- अरबों यूजर्स और बड़ी टेक कंपनियों की साख पर पड़ सकता है।
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Netgram Team. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.