Artemis II के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौटते समय Orion capsule में करीब 40,000 km/h की रफ्तार और 10,000°C तापमान का सामना करेंगे। उन्हें सुरक्षित रखने के लिए heat shield (AVCOAT) और thermal protection system का इस्तेमाल किया गया है, जो तापमान को लगभग 3000°C तक सीमित रखता है। Re-entry मिशन का सबसे खतरनाक हिस्सा है, लेकिन advanced technology की मदद से astronauts के सुरक्षित लौटने की उम्मीद है।
Moon मिशन पूरा करने के बाद Artemis II के चार अंतरिक्ष यात्री अब पृथ्वी पर लौटने की तैयारी में हैं। इस मिशन में उन्होंने एक नया रिकॉर्ड बनाया, जहां वे पृथ्वी से 406,771 किलोमीटर दूर तक पहुंचे। उनकी वापसी का सबसे कठिन और खतरनाक हिस्सा होगा re-entry, जब उनका spacecraft तेज रफ्तार से पृथ्वी के वातावरण में दाखिल होगा और अंत में California के पास Pacific Ocean में landing करेगा।
बहुत तेज रफ्तार से होगी वापसी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर Orion capsule जब पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करेगा, तब उसकी स्पीड होगी: 11 km/s (करीब 40,000 km/h) यह एक passenger plane से लगभग 40 गुना तेज है इस दौरान spacecraft में बहुत ज्यादा kinetic energy होती है, जिसे धीरे-धीरे कम करना जरूरी होता है ताकि safe landing हो सके।
कैसे धीमा होता है spacecraft Spacecraft atmosphere में प्रवेश करके खुद को slow करता है: हवा के साथ friction (drag) पैदा करता है जानबूझकर “un-aerodynamic” डिजाइन किया जाता है इससे speed कम होती है लेकिन इस process में astronauts को g-forces झेलनी पड़ती हैं। इंसान लगभग 5g तक सह सकता है इसलिए Orion capsule खास तरीके से design किया गया है ताकि g-forces control में रहें
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बेहद खतरनाक गर्मी Re-entry के समय spacecraft की speed sound से 30 गुना ज्यादा होती है। इससे: आसपास की हवा का तापमान 10,000°C तक पहुंच जाता है यह सूरज की सतह से भी ज्यादा गर्म होता है इस दौरान spacecraft के चारों ओर plasma बन जाता है, जिससे कुछ समय के लिए communication भी बंद हो जाता है।
3000°C तक सहने वाली सुरक्षा Spacecraft को बचाने के लिए उसमें thermal protection system होता है: यह एक तरह की heat shield (सुरक्षा परत) होती है बाहर 10,000°C तापमान होने के बावजूद spacecraft की surface लगभग 3000°C तक ही रहती है यह system heat को absorb करके बाहर ही release कर देता है।
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Heat Shield कैसे काम करता है Orion capsule में खास material इस्तेमाल होता है: Carbon fibre Phenolic resin खास heat shield: AVCOAT यह material: खुद थोड़ा-थोड़ा जलता (ablative) है heat को absorb करता है ठंडी गैस छोड़कर surface को cool करता है
Artemis I से मिला अनुभव पहले Artemis I में: heat shield के कुछ हिस्से टूट गए थे इसका कारण pressure buildup था लेकिन engineers ने: design को analyze किया trajectory में बदलाव किया “skip entry” को थोड़ा modify किया 👉 अब Artemis II में ज्यादा safe re-entry की उम्मीद है
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अंतिम चुनौती Re-entry इस पूरे 10 दिन के मिशन का आखिरी और सबसे कठिन हिस्सा है। अगर सब कुछ सही रहा, तो astronauts सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आएंगे।
निष्कर्ष Artemis II मिशन ने अंतरिक्ष यात्रा में एक नई उपलब्धि हासिल की है। लेकिन इसकी असली सफलता तब मानी जाएगी जब सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित वापस लौटेंगे। यह मिशन दिखाता है कि advanced technology और सही planning के जरिए इंसान 10,000°C जैसी खतरनाक परिस्थितियों को भी पार कर सकता है।
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Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
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1 मई 2026