Sports Economy: भारत में Sports Equipment Manufacturing – पूरी तस्वीर और आगे का रास्ता
4/9/2026, 11:10:00 AM
भारत का sports equipment sector तेजी से बढ़ सकता है, लेकिन अभी global market में इसका हिस्सा सिर्फ 0.5% है। उत्पादन Jalandhar और Meerut जैसे शहरों तक सीमित है और MSMEs पर निर्भर है। मुख्य समस्याएं हैं—ऊंची लागत, कच्चे माल की कमी, महंगा certification, कमजोर infrastructure और global brands की कमी। अगर import duty कम की जाए, technology और infrastructure सुधारा जाए, और strong Indian brands बनाए जाएं, तो भारत future में global sports market में बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।
भारत में खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक भावना है। क्रिकेट भले सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो, लेकिन अब Neeraj Chopra और Lakshya Sen जैसे खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि देश में खेलों की विविधता तेजी से बढ़ रही है। लेकिन खेलों का पूरा इकोसिस्टम सिर्फ खिलाड़ियों और दर्शकों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक बड़ी इंडस्ट्री काम करती है — sports equipment manufacturing, जो भारत में काफी अहम होने के बावजूद अभी भी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है। 1. ग्लोबल मार्केट में भारत की स्थिति NITI Aayog और Foundation for Economic Development की रिपोर्ट के अनुसार: दुनिया में sports equipment का कुल व्यापार लगभग $50 बिलियन का है इसमें भारत का हिस्सा सिर्फ 0.5% है यह साफ दिखाता है कि भारत के पास क्षमता होने के बावजूद वह अपने potential तक नहीं पहुंच पाया है। 2. भारत का मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रक्चर मुख्य उत्पादन केंद्र भारत में sports goods manufacturing मुख्य रूप से दो शहरों में केंद्रित है: Jalandhar Meerut ये दोनों म