जोधपुर में पुलिस और AGTF ने छापेमारी कर छत पर चल रही अवैध ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, जिसमें करीब 3 करोड़ की सिंथेटिक ड्रग बरामद हुई और आरोपी गिरफ्तार हुआ। यह कार्रवाई बढ़ती नशा तस्करी के खिलाफ अभियान का हिस्सा है, हालांकि पूरी सप्लाई चेन खत्म करने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई जरूरी रहेगी।
जोधपुर में पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की संयुक्त कार्रवाई में शहर के एक रिहायशी इलाके की इमारत की छत पर चल रही अवैध ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस छापेमारी में करीब 3 करोड़ रुपये की सिंथेटिक ड्रग एमडी (मेफेड्रोन) बरामद की गई है और मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई हाल के महीनों में बढ़ती नशे की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमारत की छत पर एक अस्थायी लैब बनाई गई थी, जहां केमिकल, पाउडर और पैकिंग से जुड़ा सामान मिला है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां लंबे समय से ड्रग्स तैयार कर सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह ड्रग नेटवर्क किन-किन इलाकों और राज्यों तक फैला हुआ था।
इसी दौरान जोधपुर रेलवे और पुलिस प्रशासन ने ट्रेनों में हो रहे चेन पुलिंग और अन्य अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई में 725 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया और करीब 2.81 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
अधिकारियों का कहना है कि नशे, चेन पुलिंग और रेलवे संपत्ति से जुड़े अपराध अक्सर एक ही नेटवर्क या गैंग से जुड़े होते हैं, इसलिए इन सभी पर एक साथ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
बढ़ता नशे का खतरा जोधपुर सहित राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में हाल के वर्षों में सिंथेटिक ड्रग्स और केमिकल आधारित नशे का खतरा तेजी से बढ़ा है। राज्य और केंद्र सरकार दोनों ने ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है और समय-समय पर बड़े स्तर पर छापेमारी और गिरफ्तारी की जा रही है।
आम लोगों पर असर ऐसी अवैध ड्रग फैक्ट्रियां अक्सर रिहायशी इलाकों या बाजारों के बीच छिपकर चलाई जाती हैं, जिससे वहां रहने वाले लोगों, खासकर बच्चों और युवाओं के लिए बड़ा खतरा पैदा होता है। नशे के कारण अपराध, घरेलू हिंसा और सड़क हादसों में बढ़ोतरी होती है, जिसका सीधा असर समाज की सुरक्षा और माहौल पर पड़ता है।
आगे की चुनौती इस बड़ी बरामदगी और गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों में राहत जरूर है, लेकिन यह भी साफ है कि ड्रग सप्लाई चेन को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत होगी। कुल मिलाकर, यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ा कदम है, लेकिन इस समस्या से पूरी तरह निपटने के लिए लंबी और लगातार कोशिश जरूरी रहेगी।
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