NASA का Artemis II मिशन सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर चांद की ओर बढ़ चुका है, जिसमें 4 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। यह 50 साल बाद पहला मौका है जब इंसान चांद के चारों ओर उड़ान भरेंगे और मिशन के बाद पृथ्वी पर वापस लौटेंगे।
NASA ने अपने ऐतिहासिक Artemis II मिशन के तहत 50 साल बाद फिर से इंसानों को चांद की ओर भेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यह मिशन Apollo 17 के बाद पहला मौका है जब इंसान पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर चांद की तरफ जा रहे हैं।
इस मिशन में अंतरिक्ष यान Orion ने लगभग 6 मिनट तक अपने मुख्य इंजन को फायर किया, जिसे “Translunar Injection Burn” कहा जाता है। इसी के साथ यान ने पृथ्वी की कक्षा को छोड़कर चांद की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं— Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen (कनाडा)।
कैसे हुई मिशन की शुरुआत 1 अप्रैल को फ्लोरिडा स्थित Kennedy Space Center से SLS रॉकेट और Orion अंतरिक्ष यान ने शाम 6:35 बजे उड़ान भरी। यह 10 दिन का टेस्ट मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों ओर घूमकर वापस आएंगे। स्पेस में पहुंचने के बाद Orion ने अपने चार सोलर पैनल खोल दिए, जिससे उसे सूरज से ऊर्जा मिलनी शुरू हो गई। इसके बाद इंजीनियर और क्रू ने मिलकर यान के सभी जरूरी सिस्टम की जांच शुरू की।
उड़ान के लगभग 49 मिनट बाद रॉकेट के ऊपरी हिस्से ने Orion को पृथ्वी की अंडाकार कक्षा में पहुंचाया। फिर दूसरी बार इंजन फायर करके उसे लगभग 46,000 मील ऊंचाई तक ले जाया गया, जहां 24 घंटे तक सिस्टम चेक किए गए। इसके बाद Orion, जिसे क्रू ने “Integrity” नाम दिया है, रॉकेट से अलग होकर खुद उड़ने लगा।
अंतरिक्ष यात्रियों ने मैन्युअल पायलटिंग का टेस्ट भी किया और ICPS स्टेज को टारगेट बनाकर डॉकिंग जैसी प्रक्रिया का अभ्यास किया। इसके बाद Orion ने सुरक्षित दूरी बनाने के लिए ऑटोमैटिक बर्न किया, जबकि रॉकेट का स्टेज पृथ्वी के वातावरण में जाकर प्रशांत महासागर में गिर गया।
इस दौरान चार छोटे CubeSats भी अंतरिक्ष में छोड़े गए।
क्रू की गतिविधियां और तैयारी अब तक क्रू ने कई जरूरी काम पूरे किए हैं, जैसे: Deep Space Network से कम्युनिकेशन सेट करना स्पेस के माहौल के अनुसार खुद को ढालना पहला आराम (sleep cycle) पूरा करना पहला एक्सरसाइज सेशन करना स्पेसक्राफ्ट के टॉयलेट सिस्टम को ठीक करना चांद की ओर जाने वाले बर्न के लिए यान को तैयार करना
चांद के पास क्या होगा खास 6 अप्रैल को अंतरिक्ष यात्री चांद के पास से गुजरेंगे और उसकी सतह की हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें लेंगे। वे चांद के उस हिस्से को भी देखेंगे, जिसे इंसानों ने पहले कभी सीधे नहीं देखा। हालांकि उस समय चांद का दूर वाला हिस्सा पूरी तरह रोशन नहीं होगा, लेकिन इससे सतह पर बनने वाली लंबी छायाएं पहाड़, गड्ढे और ढलानों को और साफ दिखाएंगी।
वापसी और आगे की योजना चांद के पास से उड़ान के बाद यह मिशन पृथ्वी पर लौटेगा और सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन करेगा। NASA का लक्ष्य Artemis मिशनों के जरिए चांद पर और ज्यादा रिसर्च करना, आर्थिक संभावनाएं बढ़ाना और भविष्य में इंसानों को मंगल ग्रह पर भेजने की तैयारी करना है। यह मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
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