ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि देश को गलत तरीके से खतरा बताया जा रहा है और वह सिर्फ आत्मरक्षा कर रहा है। ट्रंप के ceasefire वाले दावे को ईरान ने झूठ बताया और अमेरिका पर इज़राइल के लिए काम करने का आरोप लगाया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने हाल ही में अमेरिकी जनता के नाम एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अपील की कि लोग “गलत जानकारी के माहौल” से बाहर निकलकर असली स्थिति को समझने की कोशिश करें। यह पत्र ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इज़राइल के साथ ईरान का युद्ध जारी है।
📝 क्या कहा राष्ट्रपति ने? पेज़ेश्कियन ने अपने पत्र में कहा कि ईरान को खतरे के रूप में दिखाना न तो इतिहास से मेल खाता है और न ही वर्तमान सच्चाई से। उनके मुताबिक, कई बार शक्तिशाली देश अपने राजनीतिक और आर्थिक हितों के लिए “दुश्मन की छवि” बनाते हैं, ताकि सैन्य दबाव, हथियार उद्योग और बाजार पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर असली खतरा नहीं होता, तो उसे “बनाया जाता है”।
⚔️ युद्ध का संदर्भ यह पत्र उस समय आया है जब करीब एक महीने पहले अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए थे। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने युद्धविराम (ceasefire) की मांग की है, लेकिन ईरान ने इसे “झूठा और बेबुनियाद” बताया।
🤝 ईरान का रुख पेज़ेश्कियन ने अपने पत्र में कहा: ईरान के लोगों की किसी भी देश—अमेरिका, यूरोप या पड़ोसियों—से दुश्मनी नहीं है आधुनिक इतिहास में ईरान ने कभी खुद से युद्ध शुरू नहीं किया लेकिन अगर उस पर हमला हुआ है, तो उसने मजबूती से जवाब दिया है उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की बड़ी सैन्य मौजूदगी (military presence) ईरान के आसपास एक खतरा पैदा करती है, और ऐसे में कोई भी देश अपनी सुरक्षा मजबूत करेगा।
🇺🇸 अमेरिका और इज़राइल पर आरोप राष्ट्रपति ने सवाल उठाया कि क्या यह युद्ध सच में अमेरिकी जनता के हित में है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इस युद्ध में “इज़राइल के लिए प्रॉक्सी” की तरह काम कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इज़राइल ईरान को खतरे के रूप में दिखाकर दुनिया का ध्यान फिलिस्तीन के मुद्दे से हटाना चाहता है।
❓ अमेरिकी जनता से सवाल पेज़ेश्कियन ने “America First” नीति पर भी सवाल उठाया और अमेरिकी लोगों से कहा कि वे खुद सच्चाई जानने की कोशिश करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा: कई ईरानी लोग दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ा रहे हैं टेक कंपनियों में अहम योगदान दे रहे हैं उन्होंने पूछा कि क्या ये हकीकत उस छवि से मेल खाती है जो ईरान के बारे में दिखाई जाती है?
🇺🇸 अमेरिका का पक्ष अमेरिका और इज़राइल का कहना है कि उन्होंने जो हमले किए, वे “रक्षा” या “पहले से खतरे को रोकने” के लिए थे। हालांकि, उन्होंने इस बात का कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया कि ईरान हमला करने वाला था। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि उन्हें लगा कि ईरान पहले हमला कर सकता है, इसलिए उन्होंने पहले कदम उठाया।
📊 जनता की राय रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में ज्यादातर लोग इस युद्ध का समर्थन नहीं कर रहे हैं। कई सर्वे में दिखा है कि एक महीने बाद भी यह युद्ध अमेरिकी जनता के बीच काफी अलोकप्रिय है, भले ही कुछ राजनीतिक समर्थन मौजूद हो।
🔍 निष्कर्ष ईरान के राष्ट्रपति का यह पत्र सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर चल रही जानकारी और दावों की लड़ाई का हिस्सा है। यह मुद्दा सिर्फ दो देशों का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति, मीडिया नैरेटिव और आम लोगों की सोच को भी प्रभावित कर रहा है।
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