AI और रक्षा क्षेत्र: बढ़ती साझेदारी, गहराती चिंताएँ

4/2/2026, 11:07:00 AM

AI कंपनियाँ अब रक्षा क्षेत्र के साथ साझेदारी बढ़ा रही हैं, जिससे सैन्य उपयोग को लेकर बहस तेज हो गई है। साथ ही, कोड लीक और कम पारदर्शिता से सुरक्षा और प्राइवेसी पर खतरे बढ़ने की चिंता है। इसलिए AI के इस्तेमाल पर ग्लोबल नियम और निगरानी जरूरी मानी जा रही है।

पिछले कुछ महीनों में दुनिया की बड़ी AI कंपनियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र के साथ अपनी साझेदारी बढ़ा रही हैं, जिससे AI के सैन्य उपयोग को लेकर बहस तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, OpenAI ने पहले जहां मिलिट्री यूज़ पर सीमाएँ रखी थीं, अब कुछ रक्षा टेक कंपनियों के साथ सहयोग के लिए अपने नियमों में बदलाव किया है। इसका मकसद ड्रोन न्यूट्रलाइजेशन और डेटा एनालिटिक्स जैसे कामों में AI का इस्तेमाल करना है। दूसरी तरफ, Bloomberg की एक रिपोर्ट में सामने आया कि Anthropic के Claude कोडिंग असिस्टेंट से जुड़ा कुछ इंटरनल सोर्स कोड गलती से लीक हो गया, जिसे कंपनी ने “human error” बताया। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है—अगर हाई-स्टेक्स क्षेत्रों जैसे डिफेंस में AI का कोड या डेटा गलत हाथों में चला जाए, तो इसके गंभीर खतरे क्या हो सकते हैं? कई विशेषज्ञों का मानना है कि AI कंपनियों और सरकारों के बीच होने वाली डील्स में पारदर्शिता की कमी है। आम लोगों को यह तक पता नहीं चलता कि AI मॉडल कहाँ और कैसे इस्त