निर्देशक प्रियदर्शन ने बॉलीवुड में वापसी करते हुए कहा कि आज भी कई फिल्मों में कंटेंट से ज्यादा स्टार्स को महत्व दिया जाता है। उनका मानना है कि अब दर्शकों का taste बदल चुका है और वे strong कहानी वाली फिल्में पसंद कर रहे हैं। ‘भूत बंगला’ उनकी वापसी फिल्म है, जो यह साबित कर सकती है कि आज के समय में कंटेंट ही असली हीरो है।
हिंदी सिनेमा के जाने-माने कॉमेडी निर्देशक प्रियदर्शन एक बार फिर अपनी नई फिल्म ‘भूत बंगला’ के साथ बॉलीवुड में वापसी कर रहे हैं। इस मौके पर दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने इंडस्ट्री की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात की और एक बड़ा मुद्दा उठाया—क्या आज भी बॉलीवुड में कंटेंट से ज्यादा स्टार्स को अहमियत दी जाती है?
प्रियदर्शन का साफ कहना है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आज भी कई बार “actors content से ऊपर बैठ जाते हैं।” यानी फिल्म की कहानी और लेखन से ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया जाता है कि स्टार की इमेज क्या है और उसे कैसे दिखाया जाए। उनका मानना है कि यह अप्रोच सिनेमा की क्वालिटी को कमजोर करती है।
अपने करियर में ‘हेरा फेरी’, ‘हंगामा’, ‘भूल भुलैया’ जैसी हिट कॉमेडी फिल्में देने वाले प्रियदर्शन हमेशा strong script और ensemble cast के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय से वे हिंदी फिल्मों से दूर थे और मलयालम व अन्य भाषाओं के कंटेंट पर फोकस कर रहे थे, लेकिन अब ‘भूत बंगला’ के जरिए फिर से हिंदी ऑडियंस के बीच लौट रहे हैं।
उन्होंने इंटरव्यू में यह भी बताया कि आज के दर्शकों का taste काफी बदल चुका है। OTT प्लेटफॉर्म्स और regional सिनेमा के बढ़ते प्रभाव की वजह से अब लोग सिर्फ बड़े स्टार्स नहीं, बल्कि अच्छी कहानी और realistic किरदारों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
इसके बावजूद बॉलीवुड के कई प्रोजेक्ट अब भी “star-driven” मॉडल पर चलते हैं, जहां पहले actor फाइनल होता है और बाद में स्क्रिप्ट उसी के हिसाब से तैयार की जाती है।
प्रियदर्शन का यह बयान उस बदलते ट्रेंड की ओर इशारा करता है, जहां छोटे बजट की लेकिन मजबूत कंटेंट वाली फिल्में और वेब सीरीज़ दर्शकों का दिल जीत रही हैं, जबकि कई बड़े स्टार्स वाली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहीं।
आने वाले समय में ‘भूत बंगला’ एक तरह से टेस्ट केस बन सकती है—अगर फिल्म अपनी कहानी और कॉमेडी के दम पर सफल होती है, तो यह साबित कर सकती है कि आज भी कंटेंट ही असली हीरो है। साथ ही, यह इंडस्ट्री के लिए एक संकेत भी हो सकता है कि अब वक्त आ गया है जब स्क्रिप्ट को स्टार्स से ऊपर रखा जाए।
कुल मिलाकर, प्रियदर्शन की वापसी सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि बॉलीवुड के लिए एक अहम सवाल भी लेकर आई है—क्या अब सिनेमा सच में कंटेंट-ड्रिवन होने की ओर बढ़ रहा है?
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