तेल महंगा, रुपया कमजोर—सरकार का बड़ा दांव: एक्साइज कट, एक्सपोर्ट टैक्स और LPG सपोर्ट से संतुलन की कोशिश
3/28/2026, 12:59:00 PM
सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाकर कीमतें कंट्रोल करने की कोशिश की, जबकि एक्सपोर्ट पर टैक्स बढ़ाया। तेल महंगा होने से रुपया रिकॉर्ड नीचे गिरा, जिससे महंगाई और दबाव बढ़ा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच भारत सरकार ने घरेलू बाजार को झटके से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हालात ऐसे हैं कि ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है, जिसका सीधा असर भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसी दबाव को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स स्ट्रक्चर में अहम बदलाव किए हैं। सरकार ने पेट्रोल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर यह ड्यूटी पूरी तरह शून्य कर दी गई है। इस फैसले का मकसद घरेलू कीमतों को नियंत्रण में रखना और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को राहत देना है, ताकि वे बढ़ती लागत के बावजूद भारी घाटे में न जाएं। इसके साथ ही सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर भारी टैक्स लगा दिया है। नए नियमों के तहत डीजल के निर्यात पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 29.50 रुपये प्रति लीटर तक की ड्यूटी लागू की गई है। इसका