डॉलर की मजबूती से दबाव में रुपया, बाजार में भारी गिरावट
3/27/2026, 10:13:00 AM
शुक्रवार को BSE Sensex और रुपये दोनों में तेज गिरावट देखने को मिली, जहां रुपया 94/$ के नीचे चला गया। ईरान संघर्ष और महंगे crude oil की वजह से डॉलर मजबूत हुआ और निवेशकों ने पैसा निकाला। इसका असर यह हुआ कि बाजार और करेंसी दोनों दबाव में आ गए, जिससे निवेशकों को कुछ ही घंटों में भारी नुकसान उठाना पड़ा।
आज हफ्ते का आखिरी ट्रेडिंग डे शेयर बाजार और करेंसी मार्केट—दोनों के लिए भारी पड़ रहा है। खास बात यह है कि दोनों एक-दूसरे को और नीचे खींच रहे हैं। शुक्रवार को भारतीय रुपया 94 प्रति डॉलर के अहम स्तर के नीचे दूसरी बार चला गया। यह 18 पैसे कमजोर होकर 94.16 पर खुला, जबकि बुधवार को 93.98 पर बंद हुआ था। इसी दौरान सुबह 10:15 बजे तक Sensex 1,000 पॉइंट से ज्यादा गिर चुका था। इस गिरावट की बड़ी वजह भारत के बाहर हो रही घटनाएं हैं। ईरान में चल रहे संघर्ष की वजह से तेल सप्लाई के अहम रास्ते प्रभावित हुए हैं, जिससे crude oil की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल सीधे import bill, महंगाई (inflation) और सरकार के खर्च (fiscal balance) पर असर डालता है। इसका असर सबसे पहले रुपये पर दिखता है। जब तेल महंगा होता है, तो भारत को ज्यादा डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। साथ ही, global investors अनिश्चितता के डर से US dollar को safe option मानकर उसमें पैसा लगा रहे