पश्चिम एशिया युद्ध का असर: जोधपुर हैंडीक्राफ्ट, राजस्थान एक्सपोर्ट और भीलवाड़ा टेक्सटाइल इंडस्ट्री संकट में

3/26/2026, 10:21:00 AM

पश्चिम एशिया युद्ध के कारण राजस्थान की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री (जोधपुर हैंडीक्राफ्ट, भीलवाड़ा टेक्सटाइल) पर बड़ा असर पड़ा है और शिपिंग रुकने से माल बंदरगाहों व गोदामों में अटका है। फ्रेट महंगा होने और ऑर्डर रुकने से कारोबार प्रभावित हुआ है, जिससे करीब 10,000 करोड़ के व्यापार पर खतरा है। इस संकट से लाखों मजदूरों और छोटे यूनिट्स की आजीविका पर असर पड़ रहा है। उद्योग संगठनों ने सरकार से राहत पैकेज और नई मार्केट्स की मांग की है।

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने राजस्थान की एक्सपोर्ट आधारित इंडस्ट्री को गहरे संकट में डाल दिया है। खासकर जोधपुर की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री, राज्य का ओवरऑल एक्सपोर्ट कारोबार और भीलवाड़ा की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। जोधपुर हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर डबल मार जोधपुर की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री, जो पहले ही अमेरिकी टैरिफ और यूरोपीय नियमों से जूझ रही थी, अब युद्ध के कारण और मुश्किल में फंस गई है। समुद्री रास्तों पर खतरे, बढ़ते फ्रेट चार्ज और कंटेनर मूवमेंट रुकने से एक्सपोर्ट लगभग ठप हो गया है। पहले हर साल करीब 4,500 कंटेनर विदेश जाते थे, लेकिन अब सैकड़ों कंटेनर माल के साथ गोदामों में अटके पड़े हैं और नए ऑर्डर भी रुक गए हैं। जोधपुर में 5,000 से ज्यादा हैंडीक्राफ्ट यूनिट्स हैं, जिनसे करीब 5 लाख लोगों की आजीविका जुड़ी है। लकड़ी का फर्नीचर, मेटल क्राफ्ट और होम डेकोर जैसे प्रोडक्ट यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों में भेजे जाते हैं। लेकिन पहले 50% अमेरिकी टैरिफ से ऑर्डर मे