पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘फिश पॉलिटिक्स’ ने पकड़ा जोर, मछली बनी बड़ा चुनावी मुद्दा
3/25/2026, 2:00:00 PM
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में मछली बड़ा चुनावी मुद्दा बन गई है, जिसे TMC ने बंगाली संस्कृति से जोड़कर BJP को “बाहरी” पार्टी बताया। इसके जवाब में BJP नेताओं ने मछली के साथ प्रचार कर यह दिखाने की कोशिश की कि वे नॉनवेज के खिलाफ नहीं हैं। यह “फिश पॉलिटिक्स” अब चुनाव में सांस्कृतिक पहचान और वोटरों को प्रभावित करने का अहम मुद्दा बन गया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार एक अनोखा और दिलचस्प मुद्दा सामने आया है—मछली। जो आमतौर पर बंगाल की रोज़मर्रा की जिंदगी और खानपान का हिस्सा होती है, वही अब राजनीतिक बहस और चुनावी रणनीति का केंद्र बन गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच यह मुद्दा अब “फिश पॉलिटिक्स” के रूप में उभर चुका है। कैसे शुरू हुई ‘फिश पॉलिटिक्स’? इस पूरे विवाद की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बिना लाइसेंस मांस बिक्री और धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मांस-मछली बिक्री पर रोक लगाने की बात कही। भले ही बिहार में इस बयान पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं हुई, लेकिन पश्चिम बंगाल में TMC ने इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया। 17 फरवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी सभा में दावा किया कि अगर BJP सत्ता में आई, तो बंगाल में मछली और मांस की बिक्री पर रोक लग सकती है। उन्होंने BJP को “बाहरी पार्टी” बताते हुए कहा कि वह बंगाल की संस्कृति को नहीं समझती। TMC