भारत में निपाह वायरस को लेकर फिर से चिंता बढ़ गई है। यह जानलेवा ज़ूनोटिक वायरस जानवरों, खासकर फल खाने वाले चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है और इंसान से इंसान में भी संक्रमण हो सकता है। इसके शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं, जबकि गंभीर मामलों में दिमाग में सूजन, कोमा और मौत तक का खतरा रहता है। निपाह का अभी कोई पक्का इलाज या वैक्सीन नहीं है, इसलिए बचाव ही सबसे अहम उपाय है। साफ-सफाई, फलों को धोकर खाना और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूरी बताया गया है। ताजा मामलों में केरल में एक पुरुष नर्स की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि एक महिला मरीज पॉजिटिव है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
भारत में निपाह वायरस का खतरा एक बार फिर चिंता का कारण बना हुआ है। यह एक जानलेवा ज़ूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसका मुख्य स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ माने जाते हैं। यह वायरस संक्रमित जानवरों, उनके दूषित पदार्थों, दूषित भोजन या इंसान से इंसान में भी फैल सकता है।
निपाह के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं, जिनमें तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, गले में खराश, कमजोरी और चक्कर शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह दिमाग में सूजन, दौरे, कोमा और मौत तक का कारण बन सकता है। सांस से जुड़ी समस्याएं भी देखी जा सकती हैं।
फिलहाल निपाह वायरस का कोई पक्का इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए बचाव बेहद जरूरी है। संक्रमित जानवरों से दूरी, फलों को अच्छी तरह धोकर खाना, गिरे या अधखाए फल न खाना और साफ-सफाई बनाए रखना अहम है। लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
ताजा मामलों के बीच Kerala में एक पुरुष नर्स की पहली रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि एक महिला मरीज अब भी पॉजिटिव है। स्वास्थ्य विभाग कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, आइसोलेशन और निगरानी पर पूरी तरह अलर्ट है।
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only.
Published by: Netgram Team. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.