Nvidia के नए AI फीचर DLSS 5 को लेकर गेमिंग कम्युनिटी में विवाद छिड़ गया है—जहां कंपनी इसे “future of graphics” बता रही है, वहीं कई गेमर्स इसे ओवर-प्रोसेस्ड AI इफेक्ट मान रहे हैं। CEO Jensen Huang ने आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि यह टेक्नोलॉजी डेवलपर्स को ज्यादा कंट्रोल देती है, लेकिन फिर भी इसके असली असर को लेकर बहस जारी है।
अगर आपको Nvidia का नया AI फीचर DLSS 5 बेकार या अजीब लग रहा है, तो कंपनी के CEO Jensen Huang का कहना है—आप “पूरी तरह गलत” हैं। सोमवार को Nvidia ने अपना नया AI-पावर्ड फीचर DLSS 5 लॉन्च किया, जिसे लेकर गेमिंग कम्युनिटी में काफी आलोचना हुई।
पहले के DLSS वर्जन जहां सिर्फ ग्राफिक्स अपस्केलिंग पर फोकस करते थे, वहीं DLSS 5 एक कदम आगे जाकर generative AI का इस्तेमाल करता है। यह गेम के सीन में फोटोरियलिस्टिक लाइटिंग और मैटेरियल्स जोड़ता है, जो ओरिजिनल 3D कंटेंट से जुड़े रहते हैं।
लेकिन जैसे ही इसका डेमो सामने आया—खासकर Resident Evil जैसे गेम्स के क्लिप्स—गेमर्स ने इसे जमकर ट्रोल किया। कई लोगों को लगा कि कैरेक्टर्स का लुक “AI फिल्टर” जैसा हो गया है, जैसे फेसट्यून किया गया हो—पतले गाल, ज्यादा पाउटी लिप्स, यानी पूरा “yassified” स्टाइल।
कुछ गेमर्स ने तो इसे “sloptracing” तक कह दिया, जो Nvidia की ray tracing टेक्नोलॉजी पर तंज था। Jensen Huang ने इन आलोचनाओं को साफ तौर पर खारिज किया। उनके मुताबिक DLSS 5 गेम के geometry, textures और बाकी एलिमेंट्स को generative AI के साथ जोड़ता है, जिससे ज्यादा कंट्रोल मिलता है।
उन्होंने इसे “graphics के लिए GPT moment” भी बताया। Huang का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी कलाकारों के कंट्रोल को कम नहीं करती, बल्कि डेवलपर्स AI को fine-tune करके अपनी पसंद का स्टाइल बना सकते हैं।
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