ईरान युद्ध से तेल की कीमतों में तेज उछाल, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव
3/16/2026, 11:10:00 AM
Iran से जुड़े युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमतें बढ़कर 110–120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे भारत जैसे देशों में पेट्रोल-डीज़ल, परिवहन और बिजली की लागत बढ़ सकती है, जिससे महंगाई और आम लोगों के खर्च पर असर पड़ सकता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran पर हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। United States और Israel के साथ चल रहे संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमतें कुछ समय के लिए 110 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। यह स्तर 2022 के बाद पहली बार देखने को मिला। हालांकि बाद में International Energy Agency द्वारा रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने की चर्चा के बाद कीमतों में थोड़ी नरमी आई। विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, लेकिन अब भी यह शुरुआती स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों जैसे Saudi Arabia, United Arab Emirates, Kuwait और Iraq से तेल आपूर्ति में रुकावट की खबरें भी सामने आई हैं। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of