जोधपुर में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदल गया है। 14 मार्च को बादल, धूलभरी हवाएं और हल्की बारिश की संभावना है। इससे तापमान 2–4 डिग्री तक गिरा है और गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है और अगले 10–12 दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना जताई है।
राजस्थान में एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ का असर अब जोधपुर तक साफ दिखने लगा है। इसी वजह से 14 मार्च को शहर और आसपास के कई इलाकों में बादल, धूलभरी हवाएं और हल्की बारिश की संभावना बताई गई है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के 8–10 जिलों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें जोधपुर संभाग के कुछ जिले भी शामिल हैं।
हीटवेव जैसे हालात के बाद बदले मौसम से दिन के तापमान में हल्की गिरावट आई है और लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। पिछले कुछ दिनों से बाड़मेर, जोधपुर और आसपास के इलाकों में तापमान करीब 40 डिग्री तक पहुंच गया था।
लेकिन बादल और हवाओं की वजह से अधिकतम तापमान में लगभग 2–4 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। कोटा में 38.4 डिग्री और बाड़मेर में 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मार्च की शुरुआत में ही गर्मी कितनी तेज हो चुकी थी।
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक 14 मार्च से शुरू होकर 18–20 मार्च के बीच दो अलग-अलग पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव रहेंगे, जिनकी वजह से कई जगहों पर बादल, बूंदाबांदी और आंधी की स्थिति बन सकती है। जोधपुर शहर में भी पिछले 24–48 घंटों में आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर की धूप पहले के मुकाबले हल्की महसूस हुई।
कई इलाकों में हल्की धूलभरी हवाएं चलीं, जिससे दिन में तेज गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि शाम के समय खुले इलाकों में धूल की वजह से दृश्यता पर असर पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक चलने वाली हवाओं के कारण स्कूटर-बाइक चलाने वालों को हेलमेट और चश्मे की जरूरत ज्यादा महसूस हो रही है, खासकर रिंग रोड और हाईवे वाले हिस्सों में। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 10–12 दिनों तक गर्मी सामान्य या थोड़ी कम रह सकती है और तापमान में अचानक तेज बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल कम है।
किसानों के लिए यह स्थिति मिली-जुली मानी जा रही है। एक तरफ खड़ी फसलों को हल्की बारिश से नमी मिल सकती है, वहीं तेज आंधी या ओलावृष्टि होने पर नुकसान का खतरा भी बना रहता है।
शहर के बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन को भी कहा गया है कि आंधी-बारिश की स्थिति में पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने या पुराने होर्डिंग्स उखड़ने जैसी घटनाओं के लिए टीमें अलर्ट मोड में रहें। आम लोगों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा फायदा यह है कि लू जैसे हालात से राहत मिली है और रातें पहले से थोड़ी ठंडी महसूस हो रही हैं।
इससे एसी-कूलर का इस्तेमाल थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि दिन में बाहर निकलते समय हल्के कपड़े पहनें, पानी की बोतल साथ रखें और जरूरत पड़े तो मास्क या रूमाल रखें, ताकि धूल और अचानक बदलते तापमान से सेहत पर ज्यादा असर न पड़े।
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