भारतीय मूल की 45 वर्षीय निथ्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने मौजूदा डेमोक्रेटिक मेयर करेन बास को मात देकर यह पद हासिल किया। 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका' (DSA) से जुड़ीं रमन अब 2028 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी कर रहे अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर की कमान संभालेंगी।
भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नेता निथ्या रमन ने अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव में मौजूदा मेयर करेन बास को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस कड़े चुनावी मुकाबले में जीत के साथ ही 45 वर्षीय रमन लॉस एंजिल्स की पहली दक्षिण एशियाई / भारतीय-अमेरिकी मेयर बन गई हैं।
वोटों की गिनती में लगभग 75 प्रतिशत मतों की गणना पूरी होने के बाद निथ्या रमन ने 52% वोट हासिल कर बढ़त बना ली थी, जिसके बाद 73 वर्षीय मौजूदा मेयर करेन बास (48% वोट) ने गुरुवार को फोन कर अपनी हार स्वीकार की और रमन को जीत की बधाई दी। बास ने शहर में सत्ता के सुचारू हस्तांतरण (ट्रांजिशन) का भरोसा दिया है।
आईवी-लीग से शिक्षित अर्बन प्लानर (शहरी योजनाकार) निथ्या रमन ने अपने चुनाव अभियान को आम जनता से जुड़े बुनियादी नागरिक मुद्दों पर केंद्रित रखा। उन्होंने इसे 'पॉटहोल पॉलिटिक्स' का नाम दिया, जिसके तहत खराब स्ट्रीटलाइट्स, टूटे फुटपाथ, बुनियादी नागरिक सुविधाओं की विफलता और तेजी से बढ़ती महंगाई को प्रमुख मुद्दा बनाया।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और किराएदारों के असंतोष को एकजुट किया। अपनी जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए रमन ने कहा:
"मुझे आपका अगला मेयर चुने जाने पर बेहद गर्व है। मैं इस शहर से प्यार करती हूं और इसके लोगों पर विश्वास करती हूं। आगे का काम कठिन होगा और बदलाव में समय लगेगा, लेकिन मिलकर हम एक ऐसा भविष्य बनाएंगे जो इस शहर की तरह ही असाधारण होगा।"
करेने बास साल 2022 में लॉस एंजिल्स के इतिहास में पहली अश्वेत महिला मेयर बनी थीं। हालांकि, उनके कार्यकाल में कई प्रशासनिक दिक्कतें सामने आईं। विशेष रूप से 2025 में लगी भीषण जंगलों की आग (Wildfires) से निपटने के तरीकों को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी।
रमन शुरुआत में बास के दोबारा चुनाव लड़ने के पक्ष में थीं, लेकिन शहर की मौजूदा प्रशासनिक स्थिति से असंतोष के चलते उन्होंने नामांकन के अंतिम पलों में अपनी उम्मीदवारी पेश कर दी। डेमोक्रेटिक पार्टी के स्थापित नेताओं की नाराजगी के बावजूद, रमन ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं के बीच अपनी मजबूत पैठ बनाई।
निथ्या रमन लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की पहली ऐसी सदस्य थीं जो 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका' (DSA) से संबद्ध रही हैं। अमेरिका के बड़े महानगरों में वामपंथी व प्रगतिशील युवा नेताओं के उभार का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अब वह लॉस एंजिल्स के 14 अरब डॉलर के विशाल बजट और प्रशासन का नेतृत्व करेंगी, खासकर ऐसे समय में जब यह शहर 2028 में होने वाले समर ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारियों में जुटा है।
Q1. निथ्या रमन कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की है?
उत्तर: निथ्या रमन भारतीय मूल की अमेरिकी अर्बन प्लानर और राजनीतिज्ञ हैं, जो लॉस एंजिल्स की 44वीं मेयर चुनी गई हैं। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई व्यक्ति हैं।
Q2. निथ्या रमन ने चुनाव में किसे हराया?
उत्तर: उन्होंने मौजूदा डेमोक्रेटिक मेयर करेन बास को 52% बनाम 48% वोटों के अंतर से हराया।
Q3. निथ्या रमन के अभियान का मुख्य एजेंडा क्या था?
उत्तर: उन्होंने 'पॉटहोल पॉलिटिक्स', किफायती आवास, किराएदारों के अधिकार, खराब बुनियादी ढांचे (फुटपाथ, स्ट्रीटलाइट्स) की मरम्मत और आम नागरिक सुविधाओं में सुधार को मुख्य मुद्दा बनाया।
Q4. लॉस एंजिल्स के मेयर के रूप में उनके सामने मुख्य आगामी चुनौती क्या है?
उत्तर: बेघर लोगों की समस्या और आवास संकट से निपटने के अलावा, शहर को 2028 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों (Summer Olympics) की मेजबानी के लिए तैयार करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में से एक होगा।
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