मिशिगन से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल एल-सईद ने अमेरिकी सीनेट चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह अमेरिकी सीनेट में चुने जाने वाले पहले मुस्लिम अमेरिकी बन गए हैं। रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर मिली इस जीत के बाद उन्होंने अपने भाषण में 'हबीबी' और 'हम्दुलिल्लाह' जैसे अरबी शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा तंज कसा।
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और महामारी विशेषज्ञ (एपिडेमियोलॉजिस्ट) अब्दुल एल-सईद ने मिशिगन राज्य से सीनेट सीट जीतकर नया राजनीतिक इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही 42 वर्षीय एल-सईद अमेरिकी सीनेट के सदस्य बनने वाले पहले मुस्लिम-अमेरिकी बन गए हैं। उनकी इस जीत से अमेरिका और मिडिल ईस्ट में रह रहे अरब व मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर है।
देश की सबसे चर्चित सीनेट रेस में शामिल इस मुकाबले में अब्दुल एल-सईद ने रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व प्रतिनिधि माइक रोजर्स को शिकस्त दी। एल-सईद सेवानिवृत्त हो रहे डेमोक्रेटिक सीनेटर गैरी पीटर्स की जगह लेंगे। इस जीत के साथ ही उन्होंने मिशिगन में रिपब्लिकन पार्टी के सूखे को और बढ़ा दिया है; रिपब्लिकन पार्टी ने साल 1994 के बाद से मिशिगन में कोई भी सीनेट सीट नहीं जीती है।
इससे पहले उन्होंने अपनी ही पार्टी की प्राइमरी में प्रतिनिधि हेली स्टीवंस को हराया था। हालांकि, चुनाव के अंतिम दिनों में स्टीवंस ने अपना समर्थन वापस लेकर रिपब्लिकन उम्मीदवार रोजर्स का समर्थन कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद एल-सईद ने शानदार जीत दर्ज की।
जीत के बाद दिए गए अपने संबोधन में अब्दुल एल-सईद ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा निशाना साधा। वेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "जेडी, हबीबी..." और याद दिलाया कि जनवरी में जब सीनेट की बैठक होगी, तो संवैधानिक रूप से वेंस को ही उन्हें पद की शपथ दिलानी होगी। अरबी शब्द 'हबीबी' का शाब्दिक अर्थ 'मेरा प्रिय' या आम बोलचाल में 'दोस्त' होता है।
चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खुद को "जिहादी" और "कम्युनिस्ट" कहे जाने तथा उनके नाम का गलत उच्चारण किए जाने पर भी एल-सईद ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, "डोनाल्ड, मैं जानता हूं कि आपको मेरा नाम लेने में काफी संघर्ष करना पड़ा है। इसलिए जब जनवरी में जेडी मुझे शपथ दिला देंगे, तो आप मुझे सिर्फ 'सीनेटर' कहकर बुला सकते हैं।"
एल-सईद के पूरे अभियान में अरबी संस्कृति और मुहावरों की गहरी छाप देखने को मिली। समर्थकों ने "हबीबी फॉर अब्दुल" लिखी टी-शर्ट्स पहनी थीं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि उनके अभियान ने 'इंशाहअल्लाह' (ईश्वर ने चाहा तो) को अब चुनावी जीत के बाद 'अल्हम्दुलिल्लाह' (ईश्वर का शुक्र है) में बदल दिया है।
मिशिगन में मिस्र के अप्रवासी माता-पिता के घर जन्मे एल-सईद अक्सर अपनी मिस्री विरासत, खान-पान और अलेक्जेंड्रिया में बिताए बचपन का जिक्र करते रहे हैं। उनका चुनावी एजेंडा 'मेडिकेयर फॉर ऑल' के जरिए सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा और इजराइल को अमेरिकी सैन्य सहायता रोकने जैसी प्रगतिशील नीतियों पर केंद्रित था।
Q1. अब्दुल एल-सईद कौन हैं और उन्होंने क्या इतिहास रचा है?
उत्तर: 42 वर्षीय अब्दुल एल-सईद एक महामारी विशेषज्ञ और राजनीतिज्ञ हैं, जो मिशिगन से जीतकर अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम अमेरिकी बन गए हैं।
Q2. एल-सईद ने अमेरिकी सीनेट चुनाव में किसे हराया?
उत्तर: अब्दुल एल-सईद ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व प्रतिनिधि माइक रोजर्स को पराजित किया।
Q3. अब्दुल एल-सईद ने जेडी वेंस को 'हबीबी' क्यों कहा?
उत्तर: एल-सईद ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पुरानी आलोचनाओं का जवाब देते हुए तंज के रूप में 'जेडी, हबीबी' कहा और याद दिलाया कि जनवरी में संवैधानिक नियमों के अनुसार वेंस को ही उन्हें सीनेटर पद की शपथ दिलानी होगी।
Q4. मिशिगन में रिपब्लिकन पार्टी कब से सीनेट सीट नहीं जीत सकी है?
उत्तर: रिपब्लिकन पार्टी ने मिशिगन राज्य में 1994 के बाद से कोई भी सीनेट चुनाव नहीं जीता है।
Disclaimer
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI. इस लेख में इस्तेमाल की गई तस्वीरें सिर्फ समझाने के लिए हैं। कुछ तस्वीरों को AI की मदद से एडिट किया गया है।
Published by: Zoya. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.
Previous Article
Next Article