ब्रिटेन (UK) के दो प्रमुख डेयरी फार्मों में मवेशियों के भीतर पहली बार शैमोंडा वायरस (Shamonda virus) की पुष्टि हुई है। पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण मामलों के विभाग (Defra) ने सोमवार को जानकारी दी कि यह संक्रमण इंग्लैंड और वेल्स के फार्मों में पाया गया है। यह वायरस मुख्यतः क्यूलिकोइड्स बाइटिंग मिज (Culicoides biting midges) यानी काटने वाले छोटे कीड़ों से फैलता है, जिसके कारण पशुओं में तेज बुखार, दस्त, सुस्ती और दूध उत्पादन में भारी गिरावट देखी जाती है।
ब्रिटेन के पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के डेयरी फार्मों में पाले जा रहे मवेशियों में पहली बार शैमोंडा वायरस (Shamonda virus) की मौजूदगी दर्ज की गई है। ब्रिटेन सरकार के आधिकारिक विभाग डिपार्टमेंट फॉर एनवायरनमेंट, फूड एंड रूरल अफेयर्स (Defra) ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर इस नए संक्रमण की पुष्टि की है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमण के यह मामले दो अलग-अलग फार्मों में सामने आए हैं:
प्रशासन का कहना है कि ब्रिटेन के डेयरी फार्मों में इस वायरस का मिलना पूरी तरह से अप्रत्याशित नहीं था, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में यह संक्रमण यूरोप के कई अन्य हिस्सों में भी देखा गया था।
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वैज्ञानिक अध्ययनों और पशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार, शैमोंडा वायरस मुख्य रूप से 'क्यूलिकोइड्स बाइटिंग मिज' (Culicoides biting midges) नामक सूक्ष्म काटने वाले कीड़ों (मच्छरनुमा मक्खियों) के जरिए फैलता है। जब यह कीट संक्रमित मवेशी को काटने के बाद किसी स्वस्थ पशु को काटते हैं, तो यह वायरस एक से दूसरे पशु में फैल जाता है।
मवेशियों में दिखने वाले प्रमुख लक्षण:
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ब्रिटेन की मुख्य भूमि पर डेयरी फार्मों में यह भले ही पहला मामला हो, लेकिन इस साल यह वायरस यूरोप के कई देशों में लगातार मवेशियों को अपनी चपेट में ले रहा है।
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यूरोपीय देशों में लगातार बढ़ते मामलों के बीच यूके के भीतर इन नए मामलों का सामने आना यह दर्शाता है कि यह वायरस भौगोलिक सीमाओं को पार करते हुए तेजी से सक्रिय हो रहा है।
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डिफ्रा (Defra) के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इन मामलों का समय रहते पकड़ा जाना यह साबित करता है कि ब्रिटेन की पशु रोग निगरानी और डायग्नोस्टिक प्रणाली (Surveillance and diagnostic systems) बेहद प्रभावी और सक्षम तरीके से काम कर रही है।
राहत की बात यह है कि:
वर्तमान में Defra, वेल्श सरकार, स्कॉटिश सरकार और एनिमल एंड प्लांट हेल्थ एजेंसी (APHA) मिलकर पूरे महामारी विज्ञान (Epidemiological) के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं। विभाग ने कहा है कि यदि भविष्य में नए तथ्य सामने आते हैं, तो नियंत्रण नीतियों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
ब्रिटिश सरकार और पशु चिकित्सा विभाग ने सभी पशुपालकों (Livestock keepers) और डेयरी संचालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पशुपालकों के लिए जारी मुख्य निर्देश:
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Q1: ब्रिटेन में शैमोंडा वायरस किन जगहों पर पाया गया है?
उत्तर: ब्रिटेन में यह वायरस दो डेयरी फार्मों में मिला है—एक वेल्स के पॉविस (Powys) में और दूसरा इंग्लैंड के श्रॉपशायर (Shropshire) में।
Q2: मवेशियों में शैमोंडा वायरस कैसे फैलता है?
उत्तर: यह वायरस मुख्य रूप से 'क्यूलिकोइड्स बाइटिंग मिज' (Culicoides biting midges) नामक काटने वाले कीड़ों के काटने से एक पशु से दूसरे पशु में फैलता है।
Q3: शैमोंडा वायरस से संक्रमित मवेशियों में क्या लक्षण दिखाई देते हैं?
उत्तर: संक्रमित मवेशियों में तेज बुखार, दस्त, अत्यधिक सुस्ती, दूध उत्पादन में भारी गिरावट और गर्भवती मवेशियों में गर्भपात (Abortions) जैसे लक्षण देखे जाते हैं।
Q4: क्या ब्रिटेन में इस वायरस को लेकर कोई आपातकालीन पाबंदी लगाई गई है?
उत्तर: नहीं, Defra के अनुसार यह 'नॉटिफिएबल बीमारी' नहीं है और वर्तमान में किसी अतिरिक्त प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं है, हालांकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।