अंकुरित मूंग और काला चना शाकाहारी आहार में सबसे किफायती और असरदार कुदरती सुपरफूड माने जाते हैं। अंकुरण की प्राकृतिक प्रक्रिया के दौरान दालों में मौजूद प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है, जबकि पाचन को रोकने वाले एंटी-न्यूट्रिएंट्स खत्म हो जाते हैं। यह न केवल मांसपेशियों को ताकत देते हैं और वजन नियंत्रित रखते हैं, बल्कि डायबिटीज, पाचन और दिल की बीमारियों से भी बचाव करते हैं।
आजकल अच्छी सेहत, मजबूत मांसपेशियों और फिट दिखने के नाम पर बाजार में महंगे प्रोटीन पाउडर, विदेशी सीड्स और डिब्बाबंद सप्लीमेंट्स का एक बड़ा कारोबार खड़ा हो चुका है। कई लोग यह मान बैठते हैं कि जब तक वे महंगे सप्लीमेंट्स या ड्राई फ्रूट्स नहीं खरीदेंगे, तब तक उनका शरीर मजबूत नहीं बन सकता।
लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। हमारी पारंपरिक भारतीय रसोई में हमेशा से मौजूद साधारण सी साबुत मूंग और काला चना असल में पोषण का ऐसा पावरहाउस हैं, जिनका मुकाबला महंगे से महंगा प्रोडक्ट भी नहीं कर सकता।
जब इन दालों को पानी में भिगोकर अंकुरित (Sprout) किया जाता है, तो यह साधारण अनाज एक जीवित और बेहद गुणकारी सुपरफूड में बदल जाता है।
सूखी दालों और बीजों में प्राकृतिक रूप से कुछ ऐसे तत्व होते हैं (जैसे फाइटिक एसिड और टैनिन), जिन्हें 'एंटी-न्यूट्रिएंट्स' कहा जाता है। ये तत्व शरीर को दालों में मौजूद आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे जरूरी मिनरल्स को पूरी तरह सोखने से रोकते हैं।
जब हम मूंग और चने को अंकुरित करते हैं, तो बीज के अंदर जीवन की शुरुआत होती है। इस प्रक्रिया में एंटी-न्यूट्रिएंट्स पूरी तरह टूट जाते हैं और निष्क्रिय पड़े एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं। इसके नतीजे आश्चर्यजनक होते हैं:
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जिम जाने वाले युवाओं और मेहनत-मशक्कत करने वाले लोगों के लिए अंकुरित काला चना और हरी मूंग प्रोटीन का प्राकृतिक स्रोत हैं। यह मांसपेशियों के निर्माण और टिश्यूज की मरम्मत में मदद करते हैं। महज ₹20-30 की लागत में एक व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाला वनस्पति प्रोटीन मिल जाता है, जिसके लिए लोग हजारों रुपये के डिब्बाबंद सप्लीमेंट्स पर खर्च करते हैं।
अंकुरित मूंग में प्रचुर मात्रा में डाइट्री फाइबर और जीवित पाचक एंजाइम्स होते हैं। यह आंतों की सक्रियता को बढ़ाते हैं, पेट को अच्छी तरह साफ करते हैं और पुरानी से पुरानी कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या को जड़ से ठीक करने में मदद करते हैं।
स्प्राउट्स में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन फाइबर और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है। सुबह एक कटोरी स्प्राउट्स खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इससे दिनभर बेवजह भूख नहीं लगती और अस्वस्थ जंक फूड खाने की इच्छा पर लगाम लगती है, जिससे शरीर की चर्बी प्राकृतिक रूप से पिघलने लगती है।
अंकुरित काले चने में आयरन और फोलेट की मात्रा भरपूर होती है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) और हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाता है। जिन लोगों को अक्सर सुस्ती, कमजोरी या चक्कर आने की शिकायत रहती है, उनके लिए यह एक अचूक टॉनिक का काम करता है।
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मूंग और चने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बेहद कम होता है। अंकुरित होने के बाद इनका फाइबर खून में ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा कर देता है, जिससे खाने के बाद ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने में भी बहुत मदद करता है।
स्प्राउट्स में मौजूद पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को संतुलित रखते हैं। साथ ही, इसका घुलनशील फाइबर धमनियों में जमा होने वाले खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करके हृदय रोगों के जोखिम को घटाता है।
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Q1. क्या अंकुरित मूंग और चना रोज खाना सुरक्षित है?
उत्तर: हां, रोजाना सुबह सीमित मात्रा (एक मध्यम कटोरी) में स्प्राउट्स खाना पूरी तरह सुरक्षित और सेहतमंद है। हालांकि, पेट की संवेदनशीलता के अनुसार इसे हल्का स्टीम करके खाना बेहतर होता है।
Q2. अंकुरित होने के बाद चने और मूंग में कौन-से विटामिन बढ़ जाते हैं?
उत्तर: अंकुरण की प्रक्रिया से इनमें विटामिन C, विटामिन A, थायमिन (B1), राइबोफ्लेविन (B2) और नियासिन जैसे जरूरी विटामिन्स की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है।
Q3. क्या रात के समय स्प्राउट्स खाना सही है?
उत्तर: रात के समय स्प्राउट्स खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें हाई फाइबर और प्रोटीन होता है, जिसे पचने में समय लगता है। रात को खाने से कुछ लोगों को पेट भारी लगना या गैस की समस्या हो सकती है। इसे सुबह या दोपहर में खाना सबसे अच्छा है।
Q4. क्या बाजार के प्रोटीन पाउडर की जगह केवल स्प्राउट्स पर निर्भर रहा जा सकता है?
उत्तर: सामान्य फिटनेस, दैनिक ऊर्जा और घरेलू वर्कआउट करने वालों के लिए मूंग-चने के स्प्राउट्स एक संपूर्ण और सुरक्षित प्राकृतिक प्रोटीन विकल्प हैं। इसके लिए महंगे और प्रिजर्वेटिव युक्त पाउडरों पर निर्भर रहने की कोई जरूरत नहीं है।