गुरुवार को शानदार तेजी के बाद 30 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए सुस्त या नकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। कमजोर अमेरिकी टेक नतीजों, गिफ्ट निफ्टी में 15 अंकों की नरमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के 102-103 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से निवेशकों की धारणा सतर्क बनी हुई है। दूसरी ओर, तिमाही नतीजों के बाद रिन्यूएबल एनर्जी दिग्गज सुजलॉन एनर्जी के शेयर में 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई।
मुंबई: भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स—सेंसेक्स और निफ्टी—के लिए शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 का कारोबारी सत्र सतर्कता भरा रहने का अनुमान है।
गुरुवार को वायदा एक्सपायरी के दिन बैंकिंग, एफएमसीजी और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर 1 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया था, लेकिन वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव के चलते घरेलू बाजार में दबाव लौट सकता है।
गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) सुबह करीब 15 अंक (0.07%) फिसलकर 23,038 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो भारतीय बाजारों के लिए सपाट से नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।
Loading...
गुरुवार के कारोबारी सत्र में घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स में जोरदार तेजी आई थी। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 905.01 अंक (1.24%) चढ़कर 74,151.04 पर बंद हुआ, जो एक सप्ताह से अधिक समय का इसका उच्चतम स्तर था। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर हरे निशान में बंद हुए थे।
वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 237.90 अंक (1.05%) की बढ़त के साथ 22,936.75 के स्तर पर पहुंचा था। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने और कच्चे तेल में आई क्षणिक नरमी ने इस तेजी को समर्थन दिया था।
Loading...
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए। विशेष रूप से दिग्गज टेक कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों और एआई निवेश पर बढ़ते खर्च के रिटर्न को लेकर उठी चिंताओं ने टेक शेयरों में बिकवाली बढ़ा दी। नैस्डैक में 1.4% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि फ्यूचर्स मार्केट में अमेजन और इंटेल के नतीजों के बाद 500 से अधिक अंकों का गोता लगा। डाउ जोंस 130 अंक टूटकर बंद हुआ।
इस बिकवाली का सीधा असर शुक्रवार की सुबह एशियाई बाजारों पर पड़ा:
Loading...
Loading...
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट और अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य हमलों की आशंकाओं के कारण डब्ल्यूटीआई क्रूड 102-103 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में पहुंच गया है। ब्रेंट क्रूड भी ऊंचे स्तरों पर बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में तेल की ऊंची कीमतें घरेलू महंगाई और निवेशकों के रिस्क ऐपेटाइट को सीधे प्रभावित करती हैं।
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि गुरुवार की बढ़त के बाद बाजार का ढांचा सुधरा है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर रेजिस्टेंस बना रहेगा:
कॉरपोरेट मोर्चे पर रिन्यूएबल एनर्जी दिग्गज सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के शेयर शुक्रवार को भारी दबाव में आ गए। सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद शेयर लगभग 10% लुढ़ककर ₹33.21 के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 69% की सालाना गिरावट दर्ज की, जो घटकर ₹394 करोड़ रह गया। हालांकि, पिछले साल के ₹1,279 करोड़ के मुनाफे में ₹891 करोड़ का एकमुश्त डेफर्ड टैक्स एसेट बेनिफिट शामिल था, जिसे हटाकर देखा जाए तो कर-पश्चात लाभ में 1.3% की बढ़त रही।
कंपनी का रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹4,869 करोड़ पर पहुंच गया और रिकॉर्ड 710 मेगावाट की विंड टर्बाइन डिलीवरी की गई, लेकिन मार्जिन में आई कमजोरी और पूरे साल के लिए मार्जिन गाइडेंस घटाए जाने से निवेशकों में बिकवाली का माहौल बन गया।
Q1: 30 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए गिफ्ट निफ्टी क्या संकेत दे रहा था?
उत्तर: गिफ्ट निफ्टी करीब 15 अंक (0.07%) गिरकर 23,038 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो घरेलू बाजार के लिए सपाट से कमजोर शुरुआत का संकेत था।
Q2: गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंकों की बढ़त पर बंद हुए थे?
उत्तर: गुरुवार को सेंसेक्स 905.01 अंक बढ़कर 74,151.04 पर और निफ्टी 237.90 अंक चढ़कर 22,936.75 के स्तर पर बंद हुआ था।
Q3: सुजलॉन एनर्जी के शेयर में 10% की गिरावट क्यों आई?
उत्तर: दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ में 69% की गिरावट और कमजोर एबिटा मार्जिन के साथ कंपनी द्वारा वार्षिक मार्जिन अनुमान घटाने के कारण शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹33.21 पर आ गया।
Q4: एशियाई बाजारों में शुक्रवार को भारी गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
उत्तर: अमेरिकी टेक कंपनियों (जैसे अमेजन और इंटेल) के कमजोर नतीजों और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च पर चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट में आई बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा।
यह कोई निवेश सलाह, या बेचने का ऑफर नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि निवेश से पहले खुद रिसर्च करें या SEBI में रजिस्टर्ड किसी निवेश सलाहकार से सलाह लें। लेखक SEBIरजिस्टर्ड निवेश सलाहकार नहीं है
Disclaimer
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI. इस लेख में इस्तेमाल की गई तस्वीरें सिर्फ समझाने के लिए हैं। कुछ तस्वीरों को AI की मदद से एडिट किया गया है। इस पोस्ट में दिया गया कंटेंट केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह, या बेचने का ऑफर नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि निवेश से पहले खुद रिसर्च करें या SEBI में रजिस्टर्ड किसी निवेश सलाहकार से सलाह लें। लेखक SEBIरजिस्टर्ड निवेश सलाहकार नहीं है
Published by: Sadiq Tak. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.