सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में संशोधन करते हुए टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निजी वाहन मालिकों के लिए नया रियायती सालाना पास शुरू किया है। इसके तहत नगर निकाय सीमा से बाहर के टोल के लिए 1,500 रुपये और शहरी सीमा के भीतर के टोल के लिए 3,000 रुपये सालाना शुल्क तय किया गया है। यह नई व्यवस्था 1 नवंबर से लागू होगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले स्थानीय लोगों को हर महीने पास रीन्यू कराने के झंझट और अतिरिक्त खर्च से बड़ी राहत मिलेगी।
नेशनल हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय वाहन मालिकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में अहम संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है।
नए नियमों के मुताबिक, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए विशेष रियायती 'एनुअल कंसेशनल पास' (सालाना लोकल पास) पेश किया गया है। यह नई व्यवस्था 1 नवंबर से प्रभावी हो जाएगी।
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सालाना 1500 और 3000 रुपये की फीस का गणित
नए नियमों के अनुसार, सालाना पास का शुल्क टोल प्लाजा की भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करेगा:
अब तक लागू मासिक लोकल पास का खर्च सालभर में लगभग 4,320 रुपये तक पहुंच जाता था। ऐसे में इस नए वार्षिक पास विकल्प से नियमित रूप से काम, दफ्तर या पढ़ाई के सिलसिले में टोल पार करने वाले स्थानीय निवासियों की हर साल सीधी बचत होगी।
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पात्रता और जरूरी शर्तें
मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस रियायती पास का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो तय मानकों को पूरा करेंगे:
किन परिस्थितियों में नहीं मिलेगा पास?
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि स्थानीय निवासियों के आवागमन के लिए कोई सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, तो रियायती लोकल पास जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, जिन एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे पर क्लोज्ड यूजर फी सिस्टम (दूरी के आधार पर तय टोल वसूली) लागू है, वहां भी यह रियायत मान्य नहीं होगी।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, इस सालाना पास की निर्धारित दरों की हर साल 1 अप्रैल को समीक्षा व संशोधन किया जाएगा। अकेले उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के 135 टोल प्लाजा आते हैं, जहां के स्थानीय निवासियों को 1 नवंबर से इस योजना का सीधा लाभ मिलने जा रहा है।
1. फास्टैग का नया एनुअल लोकल पास किसे मिल सकता है?
यह पास केवल उन निजी (गैर-व्यावसायिक) वाहन मालिकों के लिए है, जिनका घर संबंधित नेशनल हाईवे टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आता है और जिनकी गाड़ी पर वैध एक्टिव फास्टैग लगा हो।
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2. 1500 और 3000 रुपये की फीस में क्या अंतर है?
अगर टोल प्लाजा किसी नगरपालिका या स्थानीय कस्बे की सीमा से बाहर है, तो सालाना फीस 1,500 रुपये होगी। यदि टोल प्लाजा शहरी या नगर निकाय सीमा के अंदर स्थित है, तो सालाना फीस 3,000 रुपये होगी।
3. क्या यह पास देश के सभी टोल प्लाजा पर काम करेगा?
नहीं, यह पास केवल उसी एक टोल प्लाजा पर मान्य होगा जिसके 20 किमी दायरे में आपका निवास है और जिसके लिए पास जारी किया गया है।
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4. यह नियम कब से लागू हो रहा है?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार यह नया नियम 1 नवंबर से प्रभावी हो रहा है।
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