ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy Ltd) के दूसरी तिमाही (Q2FY27) के नतीजे सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। तिमाही आधार पर घाटा और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में लागत बढ़ने से शेयर 10% से अधिक टूटकर लोअर सर्किट के करीब पहुंच गए। इसके बाद कई प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स ने मुनाफे की चिंताओं को देखते हुए इसके टारगेट प्राइस घटा दिए हैं।
मुंबई: शेयर बाजार में लिस्टेड फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी लिमिटेड (Swiggy Ltd) के शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के वित्तीय नतीजे जारी होने के बाद निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जिसके चलते शेयर 10% से ज्यादा फिसलकर अपने नए निचले स्तर पर आ गए।
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कंपनी द्वारा घोषित नतीजों के अनुसार, दूसरी तिमाही में स्विगी का समेकित शुद्ध घाटा (Consolidated Net Loss) सालाना आधार पर कम होकर 922 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,092 करोड़ रुपये था। हालांकि, पिछली तिमाही (Q1FY27) के 791 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले यह घाटा 16.6% बढ़ गया है, जिसने बाजार विश्लेषकों और निवेशकों को निराश किया।
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तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से राजस्व (Revenue from Operations) सालाना आधार पर 36.1% बढ़कर 7,571 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 5,561 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर भी राजस्व में 11.1% की बढ़त दर्ज की गई।
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इसके बावजूद कंपनी के बढ़ते खर्च मुनाफे की राह में रोड़ा बने हुए हैं। कुल खर्च 29.7% बढ़कर 8,703 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिसमें विज्ञापन और बिक्री प्रोत्साहन (Sales Promotion) पर हुआ खर्च मुख्य रूप से शामिल है।
नतीजों के बाद कई घरेलू और विदेशी ब्रोकरेज फर्म्स ने स्विगी के शेयर पर अपने टारगेट प्राइस में कटौती की है। जानकारों का मानना है कि क्विक कॉमर्स सेगमेंट (Instamart) में प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी है और डार्क स्टोर्स के विस्तार के चलते कंपनी का एडजस्टेड एबिटा (EBITDA) घाटा कम होने के बजाय बढ़ गया है। इसी वजह से मुनाफे (Profitability) तक पहुंचने की समयसीमा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इन चुनौतियों के बीच कंपनी ने अपने मुख्य फूड डिलीवरी कारोबार को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है। स्विगी ने अपने किफायती भोजन प्लेटफॉर्म 'टोइंग' (Toing) को छोड़कर, फूड डिलीवरी के सालाना ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) की ग्रोथ 18% से 20% रहने का अनुमान बरकरार रखा है। तिमाही के दौरान फूड डिलीवरी सेगमेंट का एबिटा मार्जिन भी सुधरकर 3.4% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है।
Q1. Q2FY27 में स्विगी का घाटा कितना रहा?
उत्तर: स्विगी को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 922 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा हुआ, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 1,092 करोड़ रुपये से कम है, लेकिन पिछली तिमाही (791 करोड़ रुपये) से ज्यादा है।
Q2. नतीजों के बाद स्विगी के शेयर क्यों गिरे?
उत्तर: तिमाही आधार पर घाटा बढ़ने, कुल खर्चों में तेज वृद्धि और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में उम्मीद से ज्यादा एबिटा नुकसान होने के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली और बिकवाली की।
Q3. ब्रोकरेज फर्म्स ने टारगेट प्राइस क्यों घटाया?
उत्तर: क्विक कॉमर्स बाजार में भारी प्रतिस्पर्धा और डार्क स्टोर्स के नेटवर्क विस्तार पर हो रहे ऊंचे खर्चों के कारण स्विगी के मुनाफे में आने की रफ्तार धीमी रहने की आशंका से ब्रोकरेज ने टारगेट घटाए हैं।
Q4. फूड डिलीवरी ग्रोथ को लेकर कंपनी का क्या अनुमान है?
उत्तर: कंपनी ने 'टोइंग' प्लेटफॉर्म को अलग रखते हुए अपने फूड डिलीवरी ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) की सालाना वृद्धि दर 18% से 20% के बीच रहने का लक्ष्य बरकरार रखा है।
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