बैंक कर्मचारियों की 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर विवाद जारी है। बैंक यूनियनों का दावा है कि 2024 के वेतन समझौते में इस पर सहमति बनी थी, जबकि वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने किसी भी तरह के समझौते से इनकार किया है। इसी मांग समेत कई मुद्दों को लेकर बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल का ऐलान किया है।
बैंक कर्मचारियों की 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी को लेकर पहले सहमति बनी थी। वहीं वित्त मंत्रालय के एक सूत्र के मुताबिक, सरकार ने बैंकों में 5-डे वर्किंग का कोई वादा नहीं किया था और वेतन समझौते के दौरान भी इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बनी।
बैंक यूनियनों की ओर से 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल बुलाई गई है। यह हड़ताल 28 से 30 सितंबर तक चलेगी। बैंक कर्मचारी 5-डे वर्किंग समेत अपनी कुछ दूसरी मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं। ऐसे में बैंक ग्राहकों को भी इन दिनों बैंक से जुड़े कामों में परेशानी हो सकती है।
5-डे वर्किंग पर क्या कह रहा है वित्त मंत्रालय? मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा है कि सरकार ने बैंकों के लिए पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू करने का कोई वादा नहीं किया था। सूत्र के मुताबिक, वेतन समझौते के समय 5-डे वर्किंग पर न तो कोई बातचीत हुई और न ही कोई समझौता हुआ।
वित्त मंत्रालय के सूत्र का कहना है कि पांच दिन काम करने की मांग बैंक कर्मचारी यूनियनों की तरफ से उठाई गई थी। सरकार और यूनियनों के बीच इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी थी।
इस बयान के बाद 5-डे वर्किंग को लेकर बैंक यूनियनों और सरकार के बीच अलग-अलग दावे सामने आ गए हैं।
बैंक यूनियनों का क्या दावा है? ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन यानी AIBOC के जनरल सेक्रेटरी रूपम रॉय का कहना है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी IBA के साथ हुए वेतन समझौते में 5-डे वर्किंग को लेकर सहमति बनी थी।
यूनियन का कहना है कि अगर हर शनिवार छुट्टी दी जाती है तो बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन करीब 40 मिनट ज्यादा काम करने के लिए तैयार थे। बैंक यूनियन के अनुसार, इस व्यवस्था को लेकर बैंक मैनेजमेंट यानी IBA की तरफ से सहमति भी दी गई थी।
हालांकि, इसके बाद जब यह मामला वित्त मंत्रालय तक पहुंचा तो इस पर आगे सहमति नहीं बनी। अब वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार की तरफ से 5-डे वर्किंग को लेकर कभी कोई मंजूरी नहीं दी गई।
2024 में हुआ था बैंक कर्मचारियों का वेतन समझौता बैंक कर्मचारियों से जुड़ा वेतन समझौता 8 मार्च 2024 को हुआ था। बैंक कर्मचारियों की सैलरी और काम से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए आम तौर पर हर पांच साल में समझौता होता है।
2024 के समझौते में कर्मचारियों की सैलरी में 17 फीसदी बढ़ोतरी और महंगाई भत्ते यानी DA को सैलरी में जोड़ने जैसे कई फैसले शामिल थे। इसके अलावा स्पेशल मेडिकल लीव जैसी सुविधाओं पर भी बात हुई थी।
इसी दौरान 5-डे बैंकिंग को लेकर भी बैंक यूनियन और IBA के बीच चर्चा होने की बात सामने आई। यूनियन के अनुसार, शनिवार की छुट्टी के बदले बाकी पांच दिनों में रोजाना 40 मिनट ज्यादा काम करने का प्रस्ताव था।
28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल 5-डे वर्किंग समेत कई मांगों को लेकर बैंक यूनियनों ने 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। यह हड़ताल 30 सितंबर तक चलेगी।
इस दौरान बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। जिन लोगों को बैंक में जाकर जरूरी काम करना है, उन्हें हड़ताल की तारीखों का ध्यान रखना होगा।
बैंक कर्मचारियों की 5-डे वर्किंग की मांग लंबे समय से चर्चा में रही है। बैंक यूनियनों की तरफ से इसे काम के समय और छुट्टी से जुड़ी मांग के तौर पर उठाया गया है। दूसरी ओर, वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई समझौता नहीं हुआ। फिलहाल 5-डे वर्किंग को लेकर बैंक यूनियनों और सरकार के दावों में अंतर बना हुआ है। 2024 के वेतन समझौते में इस मांग को लेकर क्या सहमति बनी थी और उसे किस स्तर पर मंजूरी मिली थी, यही इस विवाद का मुख्य मुद्दा है।
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