Tyrannosaurus rex (T-Rex) करोड़ों साल पहले धरती पर राज करने वाला विशाल डायनासोर था। अब वैज्ञानिकों ने उसके दांतों की मदद से उसके शरीर का तापमान जानने का तरीका खोज निकाला है। UCLA के शोधकर्ताओं के अनुसार, T-Rex के शरीर का तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस (97 डिग्री फारेनहाइट) था, जो इंसानों के शरीर के तापमान के लगभग बराबर है। यह अध्ययन Science Advances में प्रकाशित हुआ है।
Tyrannosaurus rex (T-Rex) करोड़ों साल पहले धरती पर राज करने वाला विशाल डायनासोर था। अब वैज्ञानिकों ने उसके दांतों की मदद से उसके शरीर का तापमान जानने का तरीका खोज निकाला है। UCLA के शोधकर्ताओं के अनुसार, T-Rex के शरीर का तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस (97 डिग्री फारेनहाइट) था, जो इंसानों के शरीर के तापमान के लगभग बराबर है। यह अध्ययन Science Advances में प्रकाशित हुआ है।
वैज्ञानिकों ने इस जानकारी के लिए एक खास “प्रागैतिहासिक थर्मामीटर” तकनीक का इस्तेमाल किया। करीब एक दशक पहले विकसित इस तरीके से जीवाश्मों की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि कोई विलुप्त जानवर गर्म खून वाला था या ठंडे खून वाला। T-Rex पर इसे आजमाने में बड़ी चुनौती यह थी कि इसके लिए जीवाश्म का कुछ हिस्सा नष्ट करना पड़ता था।
करीब 10 साल में शोधकर्ताओं ने इस प्रक्रिया में काफी सुधार किया और जांच के लिए जरूरी दांतों की सामग्री को लगभग 90 प्रतिशत तक कम कर दिया। इसके बाद Natural History Museum of Los Angeles County ने T-Rex के दो दांतों के छोटे हिस्से शोध के लिए उपलब्ध कराए।
दांतों से कैसे पता चला तापमान? वैज्ञानिकों ने दांतों के एनामेल (दांतों की बाहरी कठोर परत) में मौजूद कार्बन और ऑक्सीजन के दुर्लभ आइसोटोप के बीच बने बंधनों का अध्ययन किया। इन बंधनों की संख्या तापमान के साथ बदलती है। शोधकर्ताओं ने दांतों के एनामेल को ड्रिल करके उसका पाउडर बनाया और फिर उसे फॉस्फोरिक एसिड में घोला। इससे निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड का विश्लेषण कर तापमान का अनुमान लगाया गया।
वैज्ञानिकों के लिए दांतों का एनामेल खास तौर पर उपयोगी है, क्योंकि इसकी क्रिस्टलीय संरचना बेहद मजबूत होती है और यह लंबे समय तक पर्यावरणीय बदलावों से अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।
T-Rex था काफी सक्रिय करीब 36 डिग्री सेल्सियस तापमान से संकेत मिलता है कि T-Rex एक सक्रिय जानवर था और उसके शरीर में तेज मेटाबॉलिज्म के लिए पर्याप्त ऊर्जा की जरूरत होती थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि उसका शरीर लाखों वर्षों में बदलते और गर्म होते वातावरण के अनुसार ढला होगा। क्रेटेशियस काल में धरती का तापमान आज की तुलना में करीब 11 से 25 डिग्री फारेनहाइट अधिक था।
वैज्ञानिक पहले भी अनुमान लगाते रहे थे कि T-Rex गर्म खून वाला डायनासोर था। लेकिन इस शोध की खास बात यह है कि पहली बार उसके शरीर के तापमान का एक निश्चित आंकड़ा—36 डिग्री सेल्सियस—सामने आया है। इसके लिए उसके दांतों ने करोड़ों साल बाद भी एक अहम वैज्ञानिक सुराग दे दिया।
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