अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैले इबोला प्रकोप के खिलाफ चल रही कोशिशों का कुछ असर दिखाई देने लगा है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के अनुसार कुछ इलाकों में संक्रमण की रफ्तार कम हुई है, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि महामारी अपने चरम से गुजर चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कहा है कि प्रकोप को पूरी तरह नियंत्रित करने में अभी कई महीने लग सकते हैं।
अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैले इबोला प्रकोप के खिलाफ चल रही कोशिशों का कुछ असर दिखाई देने लगा है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के अनुसार कुछ इलाकों में संक्रमण की रफ्तार कम हुई है, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि महामारी अपने चरम से गुजर चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कहा है कि प्रकोप को पूरी तरह नियंत्रित करने में अभी कई महीने लग सकते हैं। कांगो के स्वास्थ्य मंत्री Samuel Roger Kamba के अनुसार अगस्त के मध्य में संक्रमण के चरम के दौरान रोजाना करीब 120 नए मामले सामने आ रहे थे, जो अब घटकर लगभग 80 मामले प्रतिदिन रह गए हैं।
प्रभावित 62 स्वास्थ्य क्षेत्रों में से 10 में 22 दिनों से ज्यादा समय से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इन आंकड़ों को संक्रमण रोकने के प्रयासों के सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित Ituri प्रांत में भी स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं। वहां कांगो के National Institute for Biomedical Research के निदेशक Jean-Jacques Muyembe ने बताया कि पहले जहां स्थिति बेहद खराब थी, वहीं अब कई संकेत बेहतर हो रहे हैं और कुछ क्षेत्रों में प्रतिक्रिया टीमों ने स्थिति को नियंत्रण में किया है। हालांकि उन्होंने भी यह स्पष्ट किया कि महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है।
इसके बावजूद North Kivu में स्थिति अभी चिंताजनक बनी हुई है। खासकर Butembo शहर में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के अनुसार इस प्रकोप की अलग-अलग जगहों पर स्थिति अलग है, इसलिए पूरे क्षेत्र को एक जैसी स्थिति के रूप में देखना मुश्किल है। North Kivu में घनी आबादी, लोगों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां संक्रमण रोकने के काम को और कठिन बना रही हैं। WHO के मुताबिक 12 सितंबर 2026 तक कांगो में 7,200 पुष्ट मामले और 3,475 मौतें दर्ज की गई थीं। WHO के आंकड़ों में यह भी बताया गया है कि कांगो में संक्रमण की स्थिति अलग-अलग इलाकों में अलग गति से बदल रही है।
WHO के अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि मामलों में शुरुआती कमी को महामारी के चरम के खत्म होने का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता। पहले भी ऐसे प्रकोपों में सुधार के शुरुआती संकेतों के बाद संक्रमण दोबारा तेजी से बढ़ चुका है। इसलिए निगरानी, संक्रमित लोगों की पहचान और इलाज तथा संक्रमण रोकने के उपाय लगातार जारी रखना जरूरी है।
यह प्रकोप Bundibugyo वायरस से जुड़ा है और WHO ने मई 2026 में इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया था। मौजूदा हालात में कुछ इलाकों से राहत की खबर जरूर मिल रही है, लेकिन कांगो में इबोला का प्रकोप अभी भी गंभीर बना हुआ है।
कांगो इबोला प्रकोप 2026, Congo Ebola outbreak, इबोला वायरस, कांगो में इबोला, इबोला के नए मामले, इबोला से मौतें, Ituri Ebola, North Kivu Ebola
Congo Ebola prakop 2026, Congo mein Ebola, Ebola virus, Ebola ke naye mamle, Ebola se mauten, Ituri Ebola, North Kivu Ebola
कांगो में इबोला के कितने मामले हैं, Congo Ebola outbreak 2026 latest update, कांगो में इबोला संक्रमण क्यों बढ़ रहा है, इबोला महामारी का चरम कब आएगा, North Kivu में इबोला की स्थिति
Ebola, Congo, DRC, WHO, Health News, Disease Outbreak, Virus, Africa, Ituri, North Kivu, Medical News, NetGramNews, NetGram News
Disclaimer
Disclaimer :
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI. अस्वीकरण: इस्तेमाल की गई तस्वीरें केवल जानकारी/उदाहरण के उद्देश्य से हैं और तस्वीरों में कुछ बदलाव या एडिटिंग AI की मदद से की गई है।
Published by: Zoya. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.