फर्जी डिस्काउंट पर रोक (प्रायर प्राइस): 50-70% की भ्रामक छूट दिखाने पर रोक लगेगी; डिस्काउंट से पहले के 30 दिनों में प्रोडक्ट की सबसे कम कीमत को आधार (Prior Price) मानकर दिखाना अनिवार्य होगा।
1 जनवरी 2027 से ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए कई चीजें बदलने वाली हैं। नए नियमों के बाद ई-कॉमर्स कंपनियों को डिस्काउंट, प्रोडक्ट की कीमत, विज्ञापन, सर्च रिजल्ट और ग्राहक की शिकायत से जुड़ी जानकारी साफ तरीके से देनी होगी।
इन बदलावों का मकसद ग्राहकों को ऑनलाइन सामान खरीदते समय सही जानकारी देना है। इससे ग्राहक को यह समझने में आसानी होगी कि उसे कितना डिस्काउंट मिल रहा है, कौन सा सामान विज्ञापन के तौर पर दिखाया जा रहा है और सामान खरीदने के बाद कोई परेशानी होने पर शिकायत कैसे की जा सकती है।
डिस्काउंट दिखाने का तरीका बदलेगा
ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर अक्सर किसी प्रोडक्ट के साथ 50 या 70 प्रतिशत तक डिस्काउंट लिखा दिखाई देता है। ग्राहक के लिए यह समझना हमेशा आसान नहीं होता कि प्रोडक्ट की असली कीमत क्या थी और उसे वास्तव में कितना फायदा मिल रहा है।
नए नियमों के बाद डिस्काउंट दिखाते समय पिछली कीमत का सही आधार देना होगा। इसके लिए छूट शुरू होने से पहले के 30 दिनों में उस प्रोडक्ट की सबसे कम कीमत को आधार माना जाएगा।
इससे बड़ी छूट दिखाकर ग्राहक को आकर्षित करने वाले गलत दावों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
पैसे देकर ऊपर दिखाए गए प्रोडक्ट की पहचान होगी साफ
जब कोई ग्राहक किसी प्रोडक्ट को ऑनलाइन सर्च करता है, तो कुछ सामान सबसे ऊपर दिखाई देते हैं। इनमें कुछ प्रोडक्ट ऐसे भी हो सकते हैं जिन्हें कंपनी ने पैसे देकर ऊपर दिखाया हो।
नए नियमों के बाद ऐसे Sponsored Listings को साफ तरीके से विज्ञापन के रूप में दिखाना होगा। ग्राहक को पता चल सकेगा कि कोई प्रोडक्ट सामान्य सर्च रिजल्ट में ऊपर आया है या उसे पैसे देकर ऊपर दिखाया गया है।
इससे ग्राहक को सामान चुनते समय ज्यादा साफ जानकारी मिलेगी।
सर्च रिजल्ट को लेकर भी नियम
किसी वेबसाइट पर प्रोडक्ट किस जगह दिखाई देता है, इसका उसकी बिक्री पर काफी असर पड़ता है। नए नियमों के तहत कंपनियों को यह बताना होगा कि प्रोडक्ट की रैंकिंग किन मुख्य बातों के आधार पर तय की जाती है।
कंपनियां सर्च रिजल्ट को इस तरह नहीं बदल सकेंगी जिससे ग्राहक को उसके सवाल से कम जुड़ा या गलत सामान दिखाई दे।
इसका फायदा खासकर उन ग्राहकों को होगा जो किसी खास कीमत या खास फीचर वाला प्रोडक्ट खोज रहे हैं।
शिकायत करने पर मिलेगा रिकॉर्ड
ऑनलाइन खरीदा गया सामान खराब निकल जाए, गलत सामान आ जाए या रिफंड में दिक्कत हो, तो ग्राहक को कंपनी से शिकायत करनी पड़ती है।
नए नियमों के तहत शिकायत दर्ज होने के बाद ग्राहक को उसकी शिकायत का रिकॉर्ड या कॉपी देनी होगी। इससे ग्राहक के पास यह सबूत रहेगा कि उसने कब और किस समस्या को लेकर शिकायत की थी।
कंपनियों को National Consumer Helpline के साथ शिकायतों को संभालने की व्यवस्था में भी शामिल होना होगा।
वेबसाइट ग्राहक को खरीदने के लिए गलत तरीके से मजबूर नहीं कर पाएगी
कई वेबसाइट और ऐप ऐसे डिजाइन का इस्तेमाल करते हैं जिससे ग्राहक को कोई अतिरिक्त सामान या सेवा लेने के लिए बढ़ावा मिलता है। ऐसे तरीकों को Dark Patterns कहा जाता है।
उदाहरण के लिए, कोई अतिरिक्त सेवा पहले से चुनी हुई हो या किसी विकल्प को हटाने का तरीका बहुत मुश्किल बनाया गया हो।
नए नियमों के तहत कंपनियों को Dark Patterns से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। उन्हें हर साल अपनी वेबसाइट और ऐप की जांच भी करनी होगी।
प्रोडक्ट की जरूरी जानकारी साफ मिलेगी
ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहक सामान को खरीदने से पहले हाथ में लेकर नहीं देख सकता। इसलिए वेबसाइट पर दी गई जानकारी बहुत जरूरी होती है।
नए नियमों के तहत प्रोडक्ट की Return और Refund Policy, Warranty, Delivery और Payment से जुड़ी जानकारी साफ तरीके से देनी होगी।
इससे ग्राहक को ऑर्डर करने से पहले पता रहेगा कि सामान पसंद नहीं आने पर उसे वापस कैसे करना है और पैसे वापस मिलने के क्या नियम हैं।
विदेश से आने वाले सामान की जानकारी भी मिलेगी
अगर कोई प्रोडक्ट विदेश से आया है, तो उसके Importer और Country of Origin की जानकारी भी देनी होगी।
इससे ग्राहक को पता चल सकेगा कि सामान किस देश में बना है और उसे भारत में कौन लेकर आया है।
ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है?
2027 से ऑनलाइन खरीदारी करते समय ग्राहकों को कई जरूरी जानकारी पहले से ज्यादा साफ मिल सकती है।
अगर किसी प्रोडक्ट पर बड़ा डिस्काउंट दिख रहा है, तो उसकी पिछली कीमत का आधार समझना आसान होगा। अगर कोई प्रोडक्ट पैसे देकर ऊपर दिखाया गया है, तो उसकी पहचान विज्ञापन के रूप में होनी चाहिए।
इसी तरह Return, Refund, Warranty, Delivery और Payment से जुड़ी जानकारी देखकर ग्राहक ऑर्डर करने से पहले बेहतर फैसला ले सकेगा।
खरीदारी के बाद कोई दिक्कत होने पर शिकायत का रिकॉर्ड भी ग्राहक के पास रहेगा।
कंपनियों को भी अपनी व्यवस्था बदलनी होगी
इन नियमों का असर सिर्फ ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। ई-कॉमर्स कंपनियों को भी अपनी वेबसाइट और ऐप में कई बदलाव करने होंगे।
उन्हें डिस्काउंट दिखाने, Sponsored Listings की पहचान करने, Search Ranking की जानकारी देने, शिकायतों का रिकॉर्ड रखने और Dark Patterns से जुड़े नियमों का पालन करने की व्यवस्था करनी होगी।
कंपनियों को हर साल अपनी व्यवस्था की जांच भी करनी होगी, ताकि यह देखा जा सके कि ग्राहक को गलत तरीके से खरीदारी के लिए मजबूर तो नहीं किया जा रहा।
1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए नियम
नए ई-कॉमर्स नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इनका मुख्य मकसद ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कीमत, डिस्काउंट, विज्ञापन और प्रोडक्ट से जुड़ी जरूरी जानकारी साफ तरीके से देना है।
ग्राहकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि सामान खरीदने से पहले उन्हें ज्यादा जानकारी मिलेगी और ऑनलाइन ऑफर को समझना आसान होगा।
हालांकि इन नियमों का असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि ई-कॉमर्स कंपनियां इन्हें कितनी अच्छी तरह लागू करती हैं और शिकायत मिलने पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है।
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