प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 73,000 करोड़ रुपये की लागत वाले वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को देश को समर्पित किया। दादरी से JNPA तक जाने वाले इस कॉरिडोर से मालगाड़ियों का सफर करीब 60 फीसदी तक कम समय में पूरा होने की उम्मीद है। इसके पूरा होने से देश में माल ढुलाई की रेल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को करीब 73,000 करोड़ रुपये की लागत वाले वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Western Dedicated Freight Corridor) को देश को समर्पित किया। इसके पूरा होने के साथ भारत की माल ढुलाई व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर से मालगाड़ियों को लंबी दूरी तय करने में पहले के मुकाबले काफी कम समय लगेगा। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Western DFC) उत्तर प्रदेश के दादरी से महाराष्ट्र में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) तक जाता है। JNPA देश के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है और यहां से आयात-निर्यात का सामान देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जाता है।
मालगाड़ियों की रफ्तार और समय में बड़ा बदलाव वेस्टर्न DFC का सबसे बड़ा फायदा मालगाड़ियों के सफर के समय में कमी के रूप में देखा जा रहा है। इस नए रेल मार्ग के जरिए दादरी से JNPA तक माल पहुंचाने में करीब 60 फीसदी तक कम समय लगने की उम्मीद है।
अभी मालगाड़ियों को भारतीय रेलवे की सामान्य पटरियों पर यात्री ट्रेनों के साथ चलना पड़ता है। इन रास्तों पर यात्री और माल दोनों तरह की ट्रेनें चलती हैं। इससे मालगाड़ियों को कई जगह इंतजार करना पड़ता है और उनके सफर का समय बढ़ जाता है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को खास तौर पर मालगाड़ियों के लिए तैयार किया गया है। इससे माल ढुलाई के लिए अलग रेल रास्ता मिलता है और सामान्य रेल नेटवर्क पर दबाव कम करने में मदद मिलती है।
दो दशक बाद पूरा हुआ बड़ा रेल प्रोजेक्ट वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का सफर करीब दो दशक पहले शुरू हुआ था। इस योजना की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय प्रस्तावित हुई थी। इसके बाद देश में तीन प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान इस परियोजना पर काम आगे बढ़ा।
अब वेस्टर्न और ईस्टर्न दोनों डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरे हो चुके हैं। इनके पूरा होने के साथ भारत की बड़ी बुनियादी ढांचा योजनाओं में एक और अहम काम पूरा हुआ है। यह परियोजना करीब 2,800 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क का हिस्सा है। इसका मकसद देश में सामान को एक जगह से दूसरी जगह तेजी से पहुंचाने के लिए बेहतर रेल व्यवस्था तैयार करना है।
बंदरगाहों तक सामान पहुंचाना होगा आसान वेस्टर्न DFC का दादरी से JNPA तक जुड़ना कारोबार के लिए खास महत्व रखता है। JNPA समुद्री रास्ते से आने-जाने वाले सामान का एक प्रमुख केंद्र है। ऐसे में देश के अंदरूनी हिस्सों से बंदरगाह तक माल पहुंचाने में यह कॉरिडोर मदद करेगा। तेज माल ढुलाई से आयात और निर्यात के सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में लगने वाला समय कम हो सकता है। इससे कारोबार से जुड़े लोगों और कंटेनर ऑपरेटरों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, कंटेनर ऑपरेटरों का कहना है कि इस कॉरिडोर की पूरी क्षमता का फायदा लेने के लिए रेलवे व्यवस्था में कुछ बदलाव जरूरी हैं। उनका जोर रेलवे से जुड़े नियमों और काम करने के तरीके में सुधार पर है, ताकि माल ढुलाई की सुविधा और बेहतर हो सके।
ईस्टर्न DFC के साथ पूरा हुआ नेटवर्क वेस्टर्न DFC के पूरा होने के बाद देश के दोनों बड़े डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरे हो गए हैं। ईस्टर्न DFC और वेस्टर्न DFC मिलकर देश के माल ढुलाई नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेंगे।
इन कॉरिडोर पर मालगाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था होने से भारतीय रेलवे की सामान्य पटरियों पर मालगाड़ियों का दबाव कम किया जा सकता है। इससे यात्री ट्रेनों के लिए भी रेल नेटवर्क में जगह बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने का मौका मिल सकता है। भारत में बड़े स्तर पर माल को रेल के जरिए एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की जरूरत लगातार बनी हुई है। ऐसे में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को देश की माल ढुलाई व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है।
60 फीसदी तक कम हो सकता है सफर का समय वेस्टर्न Dedicated Freight Corridor की सबसे खास बात दादरी और JNPA के बीच मालगाड़ियों के सफर का समय कम होना है। मौजूदा मिश्रित रेल पटरियों की तुलना में इस नए कॉरिडोर से यह समय करीब 60 फीसदी तक घट सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके साथ करीब 20 साल से चल रही इस बड़ी रेल परियोजना का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।
अब वेस्टर्न और ईस्टर्न DFC के पूरे होने से देश में माल ढुलाई के लिए अलग रेल नेटवर्क उपलब्ध है। आने वाले समय में इसकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए रेलवे से जुड़े सुधारों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, वेस्टर्न DFC, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मालगाड़ी, माल ढुलाई, दादरी, JNPA, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट Western Dedicated Freight Corridor, Western DFC, maal dhulai, maalgaadi, Dadri se JNPA, Bharatiya Railway वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से माल ढुलाई का समय, Western Dedicated Freight Corridor transit time, Western DFC Dadri to JNPA Western DFC, Dedicated Freight Corridor, Indian Railways, Freight Train, Dadri, JNPA, Railway News NetGramNews
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI. इस लेख में इस्तेमाल की गई तस्वीरें सिर्फ समझाने के लिए हैं। कुछ तस्वीरों को AI की मदद से एडिट किया गया है।
Published by: Ishrat. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.