योग को आमतौर पर शरीर को लचीला बनाने, संतुलन सुधारने और तनाव कम करने वाली एक्सरसाइज के रूप में देखा जाता है। लेकिन एक नई रिसर्च में योग का ऐसा तरीका सामने आया है, जिसमें शरीर के साथ दिमाग की भी कसरत होती है। वैज्ञानिकों ने 60 से 90 साल की उम्र के लोगों पर एक खास तरह के तेज योग YogaCue का परीक्षण किया और इसकी तुलना पारंपरिक Hatha Yoga से की।
योग को आमतौर पर शरीर को लचीला बनाने, संतुलन सुधारने और तनाव कम करने वाली एक्सरसाइज के रूप में देखा जाता है। लेकिन एक नई रिसर्च में योग का ऐसा तरीका सामने आया है, जिसमें शरीर के साथ दिमाग की भी कसरत होती है। वैज्ञानिकों ने 60 से 90 साल की उम्र के लोगों पर एक खास तरह के तेज योग YogaCue का परीक्षण किया और इसकी तुलना पारंपरिक Hatha Yoga से की।
यह अध्ययन Scientific Reports में प्रकाशित हुआ है। शुरुआती स्तर की इस रिसर्च में सामने आया कि दोनों तरह के योग करने वाले लोगों की कॉग्निटिव यानी मानसिक क्षमता और शारीरिक प्रदर्शन में सुधार हुआ। हालांकि कुछ मामलों में YogaCue करने वाले प्रतिभागियों में अतिरिक्त फायदे देखने को मिले, खासकर याददाश्त, एरोबिक फिटनेस और शारीरिक क्षमता से जुड़े मापों में।
उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त, ध्यान लगाने और रोजमर्रा के कामों को स्वतंत्र रूप से करने की क्षमता में धीरे-धीरे बदलाव आ सकता है। इसलिए वैज्ञानिक ऐसे आसान तरीकों की तलाश कर रहे हैं, जिनसे उम्रदराज लोगों की Brain Health और Physical Fitness दोनों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सके। नियमित व्यायाम और योग पहले से ही संतुलन, चलने-फिरने और शरीर की क्षमता के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
इस अध्ययन में कुल 54 लोगों को शामिल किया गया था, लेकिन 24 सप्ताह का पूरा कार्यक्रम और बाद की जांच 34 प्रतिभागियों ने पूरी की। इन्हें दो समूहों में बांटा गया। एक समूह ने पारंपरिक Hatha Yoga किया, जबकि दूसरे समूह ने YogaCue का अभ्यास किया। दोनों समूहों ने प्रमाणित योग प्रशिक्षकों की निगरानी में सप्ताह में तीन दिन, हर बार करीब 60 मिनट योग किया।
YogaCue को खास बनाने वाली बात इसका तरीका था। इसमें सिर्फ योग की मुद्राएं करना ही नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों को देखकर, सुनकर और निर्देशों को याद रखकर तेजी से अलग-अलग मूवमेंट करने थे। शुरुआत में उन्हें मौखिक निर्देश और अलग-अलग क्रम दिए गए। बाद में रंगों और रंगीन पैडल जैसे दृश्य संकेत जोड़े गए। एक Gong की आवाज पर उन्हें एक मूवमेंट सीक्वेंस से उसके दूसरे जुड़े हुए सीक्वेंस पर जाना होता था। सीक्वेंस का क्रम भी बदलता रहता था, जिससे दिमाग को लगातार ध्यान लगाना पड़ता था।
इसके मुकाबले Hatha Yoga में बैठकर और खड़े होकर धीरे-धीरे योग की मुद्राएं कराई गईं। समय के साथ इसमें मुद्राओं की जटिलता और विविधता बढ़ाई गई। वहीं YogaCue में धीरे-धीरे मुद्राओं के बीच का समय कम किया गया और गति बढ़ाई गई।
24 सप्ताह बाद जब प्रतिभागियों की जांच की गई तो दोनों समूहों में कुछ महत्वपूर्ण सुधार दिखाई दिए। पूरे समूह में ध्यान, काम करने वाली याददाश्त (Working Memory) और Fluid Cognition से जुड़े परीक्षणों में सुधार हुआ। ब्लड प्रेशर, एरोबिक क्षमता, पैरों की ताकत और कुछ स्थितियों में शारीरिक शक्ति में भी सुधार देखा गया।
लेकिन कुछ नतीजों में YogaCue खास तौर पर आगे दिखाई दिया। Hopkins Verbal Learning Test में कुल याददाश्त, कुछ समय बाद चीजों को याद रखने की क्षमता और याद रखी गई जानकारी के प्रतिशत में सुधार केवल YogaCue समूह में महत्वपूर्ण रूप से देखा गया। शरीर में मौजूद फैट प्रतिशत में भी इसी समूह में कमी देखी गई।
शारीरिक प्रदर्शन में भी अंतर देखने को मिला। Hatha Yoga करने वालों में Timed Up & Go (TUG) टेस्ट में सुधार हुआ, जबकि Physical Performance Test (PPT) में YogaCue समूह का सुधार ज्यादा स्पष्ट था। एरोबिक फिटनेस दोनों समूहों में बेहतर हुई, लेकिन इसका फायदा YogaCue करने वालों में ज्यादा नजर आया, हालांकि हर एरोबिक माप में दोनों समूहों के बीच साफ अंतर साबित नहीं हुआ।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, YogaCue का संभावित फायदा इस बात से जुड़ा हो सकता है कि इसमें शरीर को तेजी से चलाने के साथ-साथ दिमाग को भी लगातार संकेतों पर प्रतिक्रिया देनी पड़ती है। व्यक्ति को याद रखना होता है कि अगली मूवमेंट क्या है, रंग या आवाज के संकेत पर प्रतिक्रिया देनी होती है और बदलते क्रम पर ध्यान देना होता है। यानी यह Physical Exercise के साथ Cognitive Stimulation भी देता है।
हालांकि वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च को अंतिम प्रमाण नहीं माना है। यह एक छोटा Pilot Study था और इसमें ऐसा कोई समूह नहीं था जो बिल्कुल व्यायाम न करता हो। प्रतिभागियों में महिलाओं की संख्या भी ज्यादा थी और अध्ययन की सांख्यिकीय क्षमता सीमित थी। इसलिए यह तय करने के लिए कि YogaCue वास्तव में Hatha Yoga से कितना बेहतर है, बड़े स्तर पर और अधिक शोध की जरूरत होगी।
फिर भी इस अध्ययन ने एक दिलचस्प संभावना जरूर दिखाई है। अगर भविष्य की बड़ी रिसर्च में भी ऐसे ही नतीजे सामने आते हैं, तो YogaCue जैसे तरीके उम्रदराज लोगों के लिए ऐसा व्यायाम बन सकते हैं जिसमें शरीर की फिटनेस और दिमाग की सक्रियता दोनों पर एक साथ काम किया जाए।
आसान शब्दों में समझें Hatha Yoga में मुख्य रूप से शरीर, सांस, संतुलन और योग मुद्राओं पर ध्यान दिया जाता है, जबकि YogaCue में इन चीजों के साथ दिमाग को भी लगातार सक्रिय रखना पड़ता है। संकेत देखकर, आवाज सुनकर और मूवमेंट का क्रम याद रखकर तेजी से प्रतिक्रिया करनी होती है। इस शुरुआती अध्ययन में दोनों योग तरीकों से फायदे दिखे, लेकिन YogaCue में याददाश्त, एरोबिक फिटनेस और पैरों की शक्ति जैसे कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त सुधार दिखाई दिया।
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