केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वातंत्र्य भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले में चिराग पासवान और दूसरे नेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया। पासवान ने भारद्वाज से किसी भी तरह के संबंध से इनकार करते हुए दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वातंत्र्य भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। मामला जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट के आरोप से जुड़ा है। चिराग पासवान का कहना है कि भारद्वाज ने उनका और दूसरे नेताओं का नाम गलत तरीके से इस्तेमाल किया और ऐसा दिखाने की कोशिश की कि उन्हें राजनीतिक लोगों का समर्थन मिला हुआ है।
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने शिकायत में साफ किया है कि चिराग पासवान या उनकी पार्टी का स्वातंत्र्य भारद्वाज से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने यह भी कहा कि वह छात्र कार्यकर्ता और उसके घायल पिता के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने में पूरा सहयोग किया जाएगा।
चिराग पासवान ने क्या कहा? चिराग पासवान ने शुक्रवार को इस मामले पर बात करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं से बहुत से लोग मिलते हैं। कई लोग उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाते हैं। लेकिन केवल तस्वीर होने के आधार पर किसी नेता को अपना करीबी बताना सही नहीं है।
पासवान के मुताबिक, भारद्वाज ने उनके नाम का इस्तेमाल इस तरह किया जिससे यह संदेश गया कि उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने के पीछे उनका या उनकी पार्टी का समर्थन है। चिराग पासवान ने इसी बात को अपने नाम के गलत इस्तेमाल का मामला बताया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने भारद्वाज के खिलाफ उचित कार्रवाई की अपील भी की।
चिराग पासवान ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति खुले तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ गंभीर मारपीट करने की बात कहता है और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो इससे कानून को लेकर गलत संदेश जा सकता है।
वीडियो में भारद्वाज ने क्या दावा किया? मामला उस समय ज्यादा चर्चा में आया जब स्वातंत्र्य भारद्वाज का एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में वह जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट करने का दावा करते दिखाई दिए।
रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में छात्र कार्यकर्ता के पिता को चोट लगी थी और उन्हें 60 टांके लगाए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में घटना की पूरी जांच और मामले की आगे की कानूनी स्थिति के बारे में सभी जानकारी सामने नहीं आई है।
भारद्वाज ने अपने वीडियो में कई राजनीतिक नेताओं के नाम भी लिए थे। उन्होंने चिराग पासवान और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा को अपना करीबी बताते हुए यह दावा किया था कि उन्हें नेताओं का समर्थन हासिल है।
अब चिराग पासवान ने इन दावों से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि किसी के साथ तस्वीर होना इस बात का सबूत नहीं है कि वह व्यक्ति उनका निजी करीबी है या उसे उनका राजनीतिक समर्थन हासिल है।
पार्टी ने भी बनाई दूरी चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने भी स्वातंत्र्य भारद्वाज से दूरी साफ कर दी है। पार्टी की शिकायत में कहा गया है कि भारद्वाज द्वारा चिराग पासवान का नाम सार्वजनिक रूप से गलत तरीके से लिया गया।
पार्टी ने यह भी कहा कि वह छात्र कार्यकर्ता और उसके घायल पिता के साथ है। पार्टी के अनुसार, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा।
इस पूरे मामले में चिराग पासवान ने दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष तरीके से जांच करने की अपील की है। उनका कहना है कि मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने भारद्वाज को हिरासत में लिया
इस मामले में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने स्वातंत्र्य भारद्वाज को उत्तर प्रदेश में हिरासत में लिया। यह कार्रवाई संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के कुछ समय बाद हुई।
प्रदर्शन में कॉकroach जनता पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। प्रदर्शन करने वालों की मांग थी कि छात्र कार्यकर्ता के पिता से मारपीट के आरोप में भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के बाद कॉकroach जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात भी की। उनके साथ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद तथा सांसद पप्पू यादव भी मौजूद थे।
पुलिस अधिकारियों के साथ हुई मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों को भारद्वाज के खिलाफ 72 घंटे के भीतर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई है।
कई नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आईं मामले के बीच स्वातंत्र्य भारद्वाज की कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें भी सामने आई हैं। इनमें चिराग पासवान के अलावा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के साथ उनकी तस्वीरें शामिल हैं।
इसी आधार पर भारद्वाज ने अपने वीडियो में राजनीतिक नेताओं से करीबी होने की बात कही थी। हालांकि, चिराग पासवान ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों या किसी मुलाकात के दौरान ली गई तस्वीर को व्यक्तिगत रिश्ते या राजनीतिक समर्थन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
चिराग पासवान ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि उनके नाम का इस्तेमाल करके किसी व्यक्ति को अपने लिए फायदा नहीं उठाना चाहिए।
पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बात चिराग पासवान ने छात्र कार्यकर्ता और उसके पिता के प्रति अपना समर्थन भी जताया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना उनकी और उनकी पार्टी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिस व्यक्ति पर आरोप हैं, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले में एक तरफ स्वातंत्र्य भारद्वाज के वीडियो में किए गए दावे चर्चा में हैं, वहीं दूसरी तरफ चिराग पासवान और उनकी पार्टी ने इन दावों से खुद को अलग कर लिया है। चिराग पासवान ने अपने नाम के गलत इस्तेमाल को लेकर शिकायत भी दर्ज करा दी है।
अब आगे क्या? फिलहाल पुलिस की कार्रवाई इस मामले का अहम हिस्सा है। स्वातंत्र्य भारद्वाज को उत्तर प्रदेश में हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जानी है।
चिराग पासवान ने दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं उनकी पार्टी ने छात्र कार्यकर्ता और उसके पिता को न्याय दिलाने में साथ देने की बात कही है।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के बाद ही यह साफ होगा कि आरोपों पर क्या कदम उठाए जाते हैं। अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर चिराग पासवान ने भारद्वाज के साथ किसी तरह के राजनीतिक या व्यक्तिगत संबंध से साफ इनकार किया है और उनके नाम के इस्तेमाल को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।
चिराग पासवान, स्वातंत्र्य भारद्वाज, दिल्ली पुलिस, लोक जनशक्ति पार्टी, जंतर मंतर, जंतर मंतर प्रदर्शन, चिराग पासवान शिकायत Chirag Paswan, Swatantra Bhardwaj, Delhi Police, Jantar Mantar protest, Chirag Paswan shikayat चिराग पासवान ने स्वातंत्र्य भारद्वाज के खिलाफ शिकायत क्यों की, स्वातंत्र्य भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई चिराग पासवान, स्वातंत्र्य भारद्वाज, दिल्ली पुलिस, राजनीति, दिल्ली न्यूज, भारत न्यूज, जंतर मंतर NetGramNews
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI. इस लेख में इस्तेमाल की गई तस्वीरें सिर्फ समझाने के लिए हैं। कुछ तस्वीरों को AI की मदद से एडिट किया गया है।
Published by: Ishrat. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.