निमोनिया और मैनिंजाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए वैक्सीन पहले से मौजूद हैं, लेकिन वैज्ञानिक अब ऐसी वैक्सीन विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं जो Streptococcus pneumoniae के कई अलग-अलग रूपों के खिलाफ व्यापक सुरक्षा दे सके। इस बैक्टीरिया के कम से कम 100 serotypes पाए जाते हैं, जिससे एक व्यापक वैक्सीन तैयार करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। Streptococcus pneumoniae आमतौर पर नाक और गले की अंदरूनी परत में मौजूद रह सकता है और हर स्थिति में बीमारी पैदा नहीं करता। लेकिन जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, तो यह बैक्टीरिया शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचकर गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है।
निमोनिया और मैनिंजाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए वैक्सीन पहले से मौजूद हैं, लेकिन वैज्ञानिक अब ऐसी वैक्सीन विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं जो Streptococcus pneumoniae के कई अलग-अलग रूपों के खिलाफ व्यापक सुरक्षा दे सके। इस बैक्टीरिया के कम से कम 100 serotypes पाए जाते हैं, जिससे एक व्यापक वैक्सीन तैयार करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
Streptococcus pneumoniae आमतौर पर नाक और गले की अंदरूनी परत में मौजूद रह सकता है और हर स्थिति में बीमारी पैदा नहीं करता। लेकिन जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, तो यह बैक्टीरिया शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचकर गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है।
अगर बैक्टीरिया फेफड़ों तक पहुंचता है तो निमोनिया हो सकता है। दिमाग और रीढ़ की हड्डी के आसपास संक्रमण पहुंचने पर मैनिंजाइटिस, जबकि खून में फैलने पर सेप्सिस का खतरा पैदा हो सकता है। इन संक्रमणों को मिलाकर pneumococcal diseases कहा जाता है। मौजूदा वैक्सीन के सामने क्या चुनौती है?
Pneumococcal diseases से बचाव के लिए उपलब्ध वैक्सीन बैक्टीरिया के कुछ खास serotypes को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं। इनमें capsular polysaccharide नाम का शर्करा-आधारित पदार्थ महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समस्या यह है कि S. pneumoniae के serotypes की संख्या काफी ज्यादा है। इसलिए वैज्ञानिक ऐसी वैक्सीन की तलाश में हैं जो बैक्टीरिया के अलग-अलग रूपों के बावजूद ज्यादा व्यापक सुरक्षा दे सके। इसी कोशिश को universal pneumococcal vaccine की दिशा में शोध के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसी वैक्सीन विकसित होने पर एक ही टीके से कई serotypes के खिलाफ सुरक्षा देने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, फिलहाल यह एक वैज्ञानिक लक्ष्य है, कोई पूरी तरह सिद्ध और उपलब्ध सार्वभौमिक वैक्सीन नहीं। शोधकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि Streptococcus pneumoniae के अलग-अलग रूपों के खिलाफ व्यापक और प्रभावी सुरक्षा कैसे तैयार की जाए। अगर इस चुनौती का समाधान मिल जाता है, तो निमोनिया, मैनिंजाइटिस और सेप्सिस जैसी गंभीर pneumococcal बीमारियों से बचाव की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है।
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