एक खास फंगस Eryniopsis lampyridarum गोल्डनरॉड सोल्जर बीटल के व्यवहार और शरीर में असामान्य बदलाव पैदा करता है। संक्रमित बीटल मरने से पहले फूल को जबड़ों से मजबूती से पकड़ लेता है और मौत के कई घंटे बाद उसके पंख भी फैल जाते हैं। गोल्डनरॉड सोल्जर बीटल (Chauliognathus pensylvanicus) आमतौर पर फूलों पर पराग खाने और दूसरे बीटल्स के साथ मिलने-जुलने के लिए जाता है। लेकिन जब यह बीटल Eryniopsis lampyridarum फंगस से संक्रमित होता है, तो उसके व्यवहार में एक बेहद असामान्य बदलाव दिखाई देता है।
एक खास फंगस Eryniopsis lampyridarum गोल्डनरॉड सोल्जर बीटल के व्यवहार और शरीर में असामान्य बदलाव पैदा करता है। संक्रमित बीटल मरने से पहले फूल को जबड़ों से मजबूती से पकड़ लेता है और मौत के कई घंटे बाद उसके पंख भी फैल जाते हैं।
गोल्डनरॉड सोल्जर बीटल (Chauliognathus pensylvanicus) आमतौर पर फूलों पर पराग खाने और दूसरे बीटल्स के साथ मिलने-जुलने के लिए जाता है। लेकिन जब यह बीटल Eryniopsis lampyridarum फंगस से संक्रमित होता है, तो उसके व्यवहार में एक बेहद असामान्य बदलाव दिखाई देता है।
संक्रमित बीटल अक्सर फ्रॉस्ट एस्टर, कॉमन बोन्सेट और कनाडा गोल्डनरॉड जैसे फूलों पर पाया गया। मरने से कुछ समय पहले वह अपने mandibles यानी जबड़ों से फूल के सिर को कसकर पकड़ लेता है और उसी स्थिति में उसकी मौत हो जाती है।
वैज्ञानिकों के लिए इस व्यवहार की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, फूल पर बीटल के मरने से फंगस को अपना जीवन चक्र आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल स्थिति मिल सकती है।
मौत के बाद भी दिखता है फंगस का असर इस मामले को और दिलचस्प बनाता है बीटल की मौत के बाद होने वाला बदलाव। मौत के करीब 15 से 22 घंटे बाद, आमतौर पर रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच, मृत बीटल के कठोर ऊपरी पंख यानी elytra ऊपर उठ जाते हैं और पीछे के पंख फैल जाते हैं।
इससे पता चलता है कि बीटल की मृत्यु के बाद भी फंगस से जुड़े बदलाव उसके शरीर में जारी रह सकते हैं। संक्रमित शरीर से फंगस spores यानी बीजाणु भी पैदा करता है।
फूल पर मृत बीटल की स्थिति फंगस के बीजाणुओं के दूसरे संभावित मेजबानों तक पहुंचने में मदद कर सकती है। हालांकि, यह सीधे तौर पर साबित नहीं हुआ है कि फंगस अगली बीटल पीढ़ी को इसी प्रक्रिया से संक्रमित करता है।
संक्रमण शरद ऋतु में ज्यादा दिखा इस फंगस से जुड़े संक्रमण मुख्य रूप से सितंबर के अंत से अक्टूबर के बीच दर्ज किए गए। इसी दौरान वयस्क गोल्डनरॉड सोल्जर बीटल फूलों पर बड़ी संख्या में मौजूद होते हैं।
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1996 में किए गए एक संग्रह में 446 बीटल्स में से 90 संक्रमित मिले थे। यह करीब 20.2 प्रतिशत संक्रमण दर थी। संक्रमित बीटल्स में फंगस के अलग-अलग चरण भी देखे गए। कुछ में conidia और कुछ में resting spores बने, लेकिन एक ही बीटल में दोनों चरण नहीं पाए गए।
‘ज़ॉम्बी बीटल’ का यह मामला दिखाता है कि एक फंगस अपने मेजबान के व्यवहार और शरीर में कितने असामान्य बदलाव ला सकता है। फिर भी सबसे बड़ा सवाल अभी बाकी है—फंगस बीटल को मौत से पहले फूल को मजबूती से पकड़ने के लिए किस तरह प्रभावित करता है? इसका जवाब वैज्ञानिकों के पास अभी पूरी तरह नहीं है।
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