Scripps Research के वैज्ञानिकों ने ECG-CLIP नाम का एक नया AI मॉडल विकसित किया है, जो कम मात्रा में लेबल किए गए ECG डेटा के बावजूद कई गंभीर हृदय रोगों की पहचान करने में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। यह मॉडल खास तौर पर उन बीमारियों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिनके पर्याप्त लेबल वाले ECG उपलब्ध नहीं होते।
Scripps Research के वैज्ञानिकों ने ECG-CLIP नाम का एक नया AI मॉडल विकसित किया है, जो कम मात्रा में लेबल किए गए ECG डेटा के बावजूद कई गंभीर हृदय रोगों की पहचान करने में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। यह मॉडल खास तौर पर उन बीमारियों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिनके पर्याप्त लेबल वाले ECG उपलब्ध नहीं होते।
17 लाख से ज्यादा ECG पर हुई मॉडल की ट्रेनिंग ECG-CLIP को 17 लाख से अधिक ECG रिकॉर्डिंग्स पर प्रशिक्षित किया गया। ये रिकॉर्डिंग्स 5.4 लाख से ज्यादा लोगों से जुड़ी थीं और इनके साथ डॉक्टरों द्वारा लिखे गए क्लिनिकल नोट्स भी शामिल थे।
इससे मॉडल को सिर्फ ECG में दिखने वाले पैटर्न ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े चिकित्सकीय संदर्भ को भी समझने में मदद मिली। इसे एक Foundation Model के तौर पर तैयार किया गया है, जिसे अलग-अलग मेडिकल कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
91% कम लेबल वाले डेटा में भी बेहतर नतीजे शोधकर्ताओं ने ECG-CLIP को हार्ट अटैक, cardiac amyloidosis और hypertrophic cardiomyopathy की पहचान के लिए परखा। 8 लाख से अधिक नए ECG वाले डेटा सेट पर किए गए परीक्षणों में मॉडल ने इन तीनों बीमारियों की पहचान में मानक AI मॉडलों से बेहतर प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि अगले सर्वश्रेष्ठ मॉडल के समान प्रदर्शन के लिए ECG-CLIP को औसतन करीब 91% कम हाथ से लेबल किए गए प्रशिक्षण डेटा की जरूरत पड़ी।
शोध में यह भी पाया गया कि केवल 10 सकारात्मक उदाहरणों जैसी बेहद सीमित डेटा स्थिति में ECG-CLIP ने अन्य ECG Foundation Models की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
भविष्य की बीमारी का जोखिम भी पहचान सकता है मॉडल का परीक्षण केवल मौजूदा बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं रहा। शोधकर्ताओं ने यह भी जांचा कि सामान्य ECG वाले लोगों में भविष्य में Atrial fibrillation यानी AF विकसित होने की संभावना का अनुमान लगाया जा सकता है या नहीं।
12-लीड ECG डेटा के आधार पर ECG-CLIP ने इस परीक्षण में अन्य मॉडलों से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके अलावा, मॉडल ने अगले तीन वर्षों में Chronic Kidney Disease और Type 2 Diabetes विकसित होने के जोखिम जैसे स्वास्थ्य परिणामों के अनुमान में भी बेहतर प्रदर्शन किया।
Single-lead ECG में भी दिखी क्षमता Acute myocardial infarction की पहचान के दौरान ECG-CLIP ने Single-lead ECG डेटा के साथ भी अच्छा प्रदर्शन किया। यह क्षमता उन जगहों पर उपयोगी हो सकती है, जहां पारंपरिक 12-लीड ECG उपलब्ध नहीं है या चिकित्सा संसाधन सीमित हैं।
मॉडल में Saliency Maps का भी इस्तेमाल किया गया, जो ECG सिग्नल के उन हिस्सों को दिखाते हैं जिन पर AI ने अपने निर्णय के दौरान ज्यादा ध्यान दिया। इससे डॉक्टरों को मॉडल के फैसले को समझने में मदद मिल सकती है।
Scripps Research की टीम अब ECG-CLIP में और अधिक डेटा शामिल करने और इसे Emergency Department तथा Wearable ECG Devices जैसी परिस्थितियों में इस्तेमाल करने की क्षमता पर काम करना चाहती है। हालांकि, नियमित चिकित्सा उपयोग से पहले Prospective Clinical Trials के जरिए इसकी प्रभावशीलता और विश्वसनीयता की पुष्टि करना जरूरी होगा।
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