IIT गांधीनगर के शोधकर्ताओं ने ऐसे नए High-Entropy MBenes की पहचान की है, जो CO₂ को उपयोगी कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) में बदलने में मदद कर सकते हैं। इस अध्ययन में मशीन लर्निंग, कंप्यूटेशनल मॉडलिंग और 2D मैटेरियल्स का इस्तेमाल किया गया है। CO₂ को कम ऊर्जा में उपयोगी रसायन में बदलना वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती है। इसी दिशा में हुए इस अध्ययन में ऐसे पदार्थों की computational screening की गई, जो CO₂ conversion को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकते हैं।
IIT गांधीनगर के शोधकर्ताओं ने ऐसे नए High-Entropy MBenes की पहचान की है, जो CO₂ को उपयोगी कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) में बदलने में मदद कर सकते हैं। इस अध्ययन में मशीन लर्निंग, कंप्यूटेशनल मॉडलिंग और 2D मैटेरियल्स का इस्तेमाल किया गया है।
CO₂ को कम ऊर्जा में उपयोगी रसायन में बदलना वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती है। इसी दिशा में हुए इस अध्ययन में ऐसे पदार्थों की computational screening की गई, जो CO₂ conversion को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकते हैं।
CO₂ से CO बनाने पर फोकस CO₂ एक बेहद स्थिर अणु है, इसलिए इसे दूसरे उपयोगी रसायनों में बदलने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। शोध में electrochemical reduction के जरिए CO₂ को CO में बदलने की संभावना पर काम किया गया है।
Carbon Monoxide (CO) रासायनिक उद्योग में एक महत्वपूर्ण building block है। इसका इस्तेमाल आगे Syngas और दूसरे रासायनिक उत्पादों तथा ईंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं में किया जा सकता है। क्या हैं High-Entropy MBenes?
MBenes बेहद पतली 2D materials हैं, जिनमें धातु और बोरॉन शामिल होते हैं। इनकी सतह रासायनिक प्रतिक्रियाओं के लिए उपयोगी हो सकती है।
शोधकर्ताओं ने इसमें कई अलग-अलग धातुओं को मिलाकर High-Entropy MBenes का अध्ययन किया। ऐसी सामग्री में अलग-अलग धातुएं सतह पर अलग-अलग रासायनिक भूमिकाएं निभा सकती हैं। अध्ययन में क्रोमियम, नियोबियम, जिरकोनियम, मोलिब्डेनम, टाइटेनियम, हैफ्नियम और टैंटलम में से पांच-धातु संयोजनों वाली संरचनाओं का विश्लेषण किया गया।
18 compositions में से तीन promising उम्मीदवार Computational screening के दौरान 18 संभावित compositions की पहचान की गई। इनमें से तीन High-Entropy MBenes CO₂ से CO conversion के लिए खास तौर पर promising पाए गए। अध्ययन के अनुसार, क्रोमियम CO₂ को सतह पर पकड़ने के लिए अनुकूल स्थान के रूप में सामने आया, जबकि जिरकोनियम और हैफ्नियम इलेक्ट्रॉन उपलब्ध कराने में भूमिका निभाते दिखाई दिए। अलग-अलग धातुओं के इस संयुक्त प्रभाव को “cocktail effect” से समझाया गया है।
Disclaimer
Disclaimer :
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI. अस्वीकरण: तस्वीरें केवल उदाहरण/प्रस्तुति के उद्देश्य से इस्तेमाल की गई हैं और कुछ तस्वीरों में AI की मदद से संपादन किया गया है।
Published by: Zoya. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.
अतिरिक्त Electrical Boost की जरूरत नहीं इन तीन promising materials के computational analysis में CO₂ से CO conversion के लिए अतिरिक्त electrical boost की आवश्यकता नहीं दिखाई दी। कम अतिरिक्त ऊर्जा में प्रतिक्रिया संभव होना भविष्य में अधिक energy-efficient carbon conversion technology के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, यह निष्कर्ष अभी computational research पर आधारित है। इन materials को वास्तविक रूप से तैयार करके उनकी synthesis और electrochemical testing करना अगला जरूरी कदम होगा।
Machine Learning से नई Materials की खोज इस शोध की एक अहम खासियत Machine Learning और computational screening का इस्तेमाल है। बड़ी संख्या में संभावित materials को पहले कंप्यूटर मॉडल के जरिए जांचकर promising candidates तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है।
इससे नई catalyst materials की खोज को अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाने में मदद मिल सकती है, जबकि अंतिम पुष्टि के लिए laboratory testing जरूरी रहेगी।
भारत के लिए क्यों अहम है यह शोध? भारत ने 2070 तक Net-Zero Emissions हासिल करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में Carbon Capture, Utilisation and Storage (CCUS) जैसी तकनीकों पर शोध महत्वपूर्ण है।
अगर captured CO₂ को भविष्य में कुशल तरीके से CO जैसे उपयोगी रसायनों में बदला जा सके, तो CO₂ को केवल हटाने के बजाय उसे दोबारा औद्योगिक उपयोग में लाने की संभावना बढ़ सकती है।
IIT गांधीनगर का यह अध्ययन फिलहाल एक computational कदम है, लेकिन यह CO₂ utilisation, High-Entropy Materials और Machine Learning आधारित material discovery के क्षेत्र में आगे के प्रयोगों के लिए नए उम्मीदवार सामने रखता है।
IIT गांधीनगर, CO₂, कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाई-एंट्रॉपी MBenes, मशीन लर्निंग, 2D मैटेरियल्स, कार्बन कैप्चर, CO₂ कन्वर्जन, स्वच्छ ऊर्जा
IIT Gandhinagar, CO2 conversion, carbon dioxide, carbon monoxide, high entropy MBenes, machine learning, 2D materials, carbon capture, swachh energy
IIT Gandhinagar CO2 conversion research, High-Entropy MBenes for CO2 conversion, CO2 se carbon monoxide banane ki technology, machine learning based material discovery, IIT Gandhinagar new research on CO2
IIT Gandhinagar, CO2 Research, High-Entropy Materials, Machine Learning, Clean Technology, Carbon Capture, NetGramNews, NetGram News