नेपाल में आई बाढ़ में ओडिशा के इंजीनियर गुन्नम जय कृष्ण की जान बच गई, लेकिन उनकी पत्नी साई बिंदु और दो साल की बेटी हरीक्षा लापता हैं। जय कृष्ण सुरंग में फंसे थे और करीब 36 घंटे बाद हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाले गए। फिलहाल वह काठमांडू में हैं और परिवार के साथ पत्नी-बेटी के मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
नेपाल में आई बाढ़ के बाद ओडिशा के रहने वाले मैकेनिकल इंजीनियर गुन्नम जय कृष्ण सुरक्षित बच गए हैं, लेकिन उनकी पत्नी साई बिंदु और दो साल की बेटी हरीक्षा का अब तक पता नहीं चल पाया है। जय कृष्ण नेपाल की अपर त्रिशूली जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे थे और हादसे के समय सुरंग के अंदर निरीक्षण के लिए गए थे।
37 वर्षीय जय कृष्ण पश्चिमी ओडिशा के बरगढ़ के रहने वाले हैं। वह अपने दो साथियों के साथ सुरंग में काम देख रहे थे, तभी अचानक पानी तेजी से अंदर आने लगा। तीनों ने किसी तरह सुरंग के ऊंचे हिस्से में पहुंचकर अपनी जान बचाई।
सुरंग के अंदर अचानक बढ़ा पानी जय कृष्ण को उस दिन वर्कशॉप से अचानक सुरंग स्थल पर जाने के लिए कहा गया था। वह बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे घर से निकले थे। उनकी योजना थी कि करीब 9 बजे तक वापस आकर नाश्ता करेंगे। उनका घर परियोजना स्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर था। वर्कशॉप पहुंचने के बाद जय कृष्ण दो अन्य कर्मचारियों के साथ सुरंग के अंदर निरीक्षण करने चले गए। इसी दौरान उन्हें तेज आवाज सुनाई दी। इसके कुछ ही समय बाद सुरंग में पानी तेजी से भरने लगा।
हालात बिगड़ते देख तीनों कर्मचारी सुरंग के ऊंचे हिस्से की तरफ भागे। यह जगह नदी से करीब 40 मीटर ऊपर थी। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने आसपास बाढ़ से हुई तबाही देखी।
परियोजना की वर्कशॉप और कॉलोनी के कई घर पानी और मलबे की चपेट में आ गए थे। देखते ही देखते पूरा इलाका बुरी तरह प्रभावित हो गया।
36 घंटे तक फंसे रहे जय कृष्ण जय कृष्ण और उनके दोनों साथी करीब 36 घंटे तक खुले आसमान के नीचे फंसे रहे। इस दौरान उनके पास खाने और पीने का सामान नहीं था। तीनों को मदद मिलने का इंतजार करना पड़ा।
अगले दिन कंपनी की ओर से हेलिकॉप्टर भेजा गया। इसके जरिए जय कृष्ण और उनके दोनों साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद जय कृष्ण काठमांडू पहुंचे।
जान बचने के बाद भी जय कृष्ण की चिंता अपने परिवार को लेकर है। उनकी पत्नी साई बिंदु और दो साल की बेटी हरीक्षा बाढ़ के बाद से लापता हैं। परिवार के लोग भी दोनों की तलाश और सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
पत्नी और बेटी की तलाश जारी जय कृष्ण अपनी पत्नी और बेटी को लेकर काफी परेशान हैं। परिवार के मुताबिक, उनका अपनी छोटी बेटी से बहुत गहरा लगाव था। अब वह लगातार उनके मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
जय कृष्ण का कहना है कि वह अपनी पत्नी और बेटी के बिना ओडिशा लौटने की कल्पना नहीं कर पा रहे हैं। बाढ़ में परिवार के जरूरी दस्तावेज भी खो गए हैं। भारत लौटने के लिए नए दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
परिवार के सदस्य भी नेपाल में उनकी पत्नी और बेटी की तलाश को लेकर चिंतित हैं। साई बिंदु के भाई वेंकटेश ने अपनी बहन और भांजी के सुरक्षित मिलने की उम्मीद जताई है।
2019 में नेपाल पहुंचे थे जय कृष्ण जय कृष्ण को जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने का पहले से अनुभव है। वह जम्मू-कश्मीर समेत कई जगहों पर जलविद्युत परियोजनाओं में काम कर चुके हैं। साल 2019 में वह काम के सिलसिले में नेपाल पहुंचे थे।
साल 2023 में उनकी शादी साई बिंदु से हुई थी। परिवार के मुताबिक, दोनों का वैवाहिक जीवन ठीक चल रहा था। शादी के बाद दोनों नेपाल में रह रहे थे।
अभी जय कृष्ण काठमांडू में हैं। वह अपनी पत्नी और बेटी के बारे में किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर, परिवार भी नेपाल में बाढ़ के बाद लापता दोनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए है।
नेपाल में आई बाढ़ से कई परिवार प्रभावित हुए हैं और कुछ लोग अब भी अपने लापता परिजनों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जय कृष्ण का परिवार भी इसी उम्मीद के साथ साई बिंदु और हरीक्षा के मिलने का इंतजार कर रहा है।
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