अंतरिक्ष की दुनिया में वैज्ञानिकों के सामने कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका रहस्य अभी तक पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है। ऐसी ही रहस्यमयी चीजों को ‘Little Red Dots’ (LRDs) कहा जाता है। इन्हें अंतरिक्ष में उस समय देखा गया है, जब ब्रह्मांड अभी बहुत छोटा था। अब वैज्ञानिकों की नई रिसर्च से इन रहस्यमयी लाल बिंदुओं को लेकर बहस और तेज हो गई है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि ये ब्लैक होल हो सकते हैं, जबकि कुछ सबूत बताते हैं कि इनके आसपास छोटी-छोटी तारे बनाने वाली आकाशगंगाएं भी मौजूद हैं।
अंतरिक्ष की दुनिया में वैज्ञानिकों के सामने कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका रहस्य अभी तक पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है। ऐसी ही रहस्यमयी चीजों को ‘Little Red Dots’ (LRDs) कहा जाता है। इन्हें अंतरिक्ष में उस समय देखा गया है, जब ब्रह्मांड अभी बहुत छोटा था। अब वैज्ञानिकों की नई रिसर्च से इन रहस्यमयी लाल बिंदुओं को लेकर बहस और तेज हो गई है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि ये ब्लैक होल हो सकते हैं, जबकि कुछ सबूत बताते हैं कि इनके आसपास छोटी-छोटी तारे बनाने वाली आकाशगंगाएं भी मौजूद हैं।
James Webb Telescope ने खोजे Little Red Dots ‘Little Red Dots’ पहली बार 2022 में चर्चा में आए, जब NASA का James Webb Space Telescope (JWST) पूरी तरह काम करने लगा। James Webb Telescope की मदद से वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के उन बहुत पुराने हिस्सों को देखने का मौका मिला, जिन्हें पहले Hubble Space Telescope से देखना काफी मुश्किल था।
ये LRDs बहुत छोटे और चमकीले दिखाई देते हैं। तस्वीरों में इनके बीच का हिस्सा इतना चमकीला होता है कि ये लगभग एक छोटे से लाल बिंदु जैसे नजर आते हैं। इसी वजह से इन्हें ‘Little Red Dots’ नाम दिया गया। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये चीजें हैं क्या।
वैज्ञानिकों के सामने दो बड़ी संभावनाएं LRDs को लेकर अभी मुख्य रूप से दो विचार सामने आए हैं। पहली संभावना यह है कि ये बहुत छोटी और घनी आकाशगंगाएं हैं। दूसरी संभावना यह है कि इनके केंद्र में बहुत बड़े ब्लैक होल हैं। हाल की दो अलग-अलग रिसर्च ने इस रहस्य को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। एक रिसर्च में LRDs के आसपास रोशनी दिखाई दी, जबकि दूसरी रिसर्च में एक LRD को घने गैस के बादल से घिरे ब्लैक होल के रूप में समझाया गया।
217 Little Red Dots की तस्वीरों को मिलाकर की गई रिसर्च चीन की Wuhan University और Hunan Normal University से जुड़े वैज्ञानिकों की अगुवाई वाली एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने 217 LRDs की तस्वीरों को एक साथ जोड़कर उनका अध्ययन किया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि उन हिस्सों की हल्की रोशनी को देखा जा सके, जो किसी एक तस्वीर में साफ नजर नहीं आती थी।
इस रिसर्च में वैज्ञानिकों को LRDs के आसपास छल्ले जैसी रोशनी दिखाई दी। यह रोशनी केवल एक केंद्रीय वस्तु से समझाना मुश्किल है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह रोशनी किसी ऐसी आकाशगंगा से आ सकती है, जहां नए तारे बन रहे हैं।
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इसका मतलब यह हो सकता है कि LRD के बीच में एक ब्लैक होल है और उसके चारों ओर एक छोटी तारा बनाने वाली आकाशगंगा मौजूद है। LRD के आसपास की आकाशगंगा बहुत छोटी है वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार, LRD के आसपास मौजूद इस आकाशगंगा का औसत आकार करीब 210 पारसेक (parsec) की त्रिज्या का है। एक पारसेक लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है। तुलना करें तो हमारी Milky Way यानी आकाशगंगा का आकार हजारों-हजारों पारसेक में फैला हुआ है। इस हिसाब से LRD के आसपास की आकाशगंगा बेहद छोटी है।
कोरिया एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस साइंस इंस्टीट्यूट के प्रमुख शोधकर्ता Woong-Seob Jeong के अनुसार, वैज्ञानिकों को LRDs के आसपास की यह हल्की रोशनी देखकर काफी हैरानी हुई। उनका मानना है कि LRDs यह समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं कि शुरुआती ब्रह्मांड में ब्लैक होल और आकाशगंगाएं कैसे विकसित हुईं।
एक दूसरी रिसर्च में मिला गैस से घिरा ब्लैक होल LRDs को समझने के लिए एक और महत्वपूर्ण अध्ययन MIT के Kavli Institute for Astrophysics and Space Research से जुड़े शोधकर्ता Rohan Naidu की अगुवाई वाली टीम ने किया। इस टीम ने MoM-BH-1* नाम के एक LRD का अध्ययन किया।
शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि यह LRD एक ब्लैक होल है, जो बहुत घनी गैस से घिरा हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह गैस ब्लैक होल के आसपास ऊर्जा को रोक सकती है और ब्लैक होल को सामान्य सीमा से भी तेजी से बढ़ने में मदद कर सकती है।
वैज्ञानिकों ने LRDs के लाल दिखाई देने का एक कारण भी इसी घनी गैस को बताया है। घनी गैस ब्लैक होल के आसपास मौजूद पराबैंगनी (Ultraviolet) रोशनी को काफी हद तक रोक सकती है। इसी वजह से ये वस्तुएं लाल रंग की दिखाई दे सकती हैं।
ब्लैक होल इतनी जल्दी बड़े कैसे हुए? LRDs का अध्ययन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती ब्रह्मांड में वैज्ञानिकों को ऐसे Supermassive Black Holes मिले हैं, जिनका द्रव्यमान सूर्य से अरबों गुना ज्यादा है।
यह वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय से एक बड़ी पहेली रही है। सवाल यह है कि ब्रह्मांड के शुरुआती समय में इन ब्लैक होल्स को इतना बड़ा होने के लिए पर्याप्त समय कैसे मिला। अगर LRDs वास्तव में घनी गैस से घिरे तेजी से बढ़ते ब्लैक होल हैं, तो वैज्ञानिकों को ब्लैक होल के विकास का एक ऐसा चरण मिल सकता है, जो अब तक छिपा हुआ था।
क्या सभी Little Red Dots एक जैसे हैं? वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि जरूरी नहीं कि सभी LRDs एक ही तरह की चीज हों। हो सकता है कि इनमें कई अलग-अलग प्रकार की वस्तुएं शामिल हों।
कुछ LRDs गैस से घिरे तेजी से बढ़ते ब्लैक होल हो सकते हैं। कुछ छोटी और घनी आकाशगंगाएं हो सकती हैं, जबकि कुछ ऐसी वस्तुएं हो सकती हैं जहां ब्लैक होल की गतिविधि और नए तारों का निर्माण दोनों एक साथ तेजी से हो रहे हों।
Jeong की रिसर्च टीम ने इससे पहले BlueDOG नाम की एक ऐसी आकाशगंगा का भी अध्ययन किया था, जो LRDs जैसी है। इसमें तेज नीली रोशनी दिखाई देती है और इसके अंदर एक Supermassive Black Hole मौजूद है।
इससे ब्रह्मांड के इतिहास को समझने में मिलेगी मदद Little Red Dots की सबसे बड़ी अहमियत सिर्फ यह पता लगाने में नहीं है कि वे आखिर हैं क्या। इनका संबंध ब्रह्मांड के विकास से जुड़े एक बहुत बड़े सवाल से है।
वैज्ञानिक यह समझना चाहते हैं कि शुरुआती ब्रह्मांड में ब्लैक होल पहले बड़े हुए या आकाशगंगाएं, या फिर दोनों का विकास एक साथ हुआ। LRDs शायद इस सवाल का जवाब खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अगर वैज्ञानिक यह पता लगा लेते हैं कि LRDs की असली प्रकृति क्या है, तो उन्हें यह समझने में मदद मिल सकती है कि शुरुआती ब्रह्मांड में ब्लैक होल और आकाशगंगाओं का विकास कितनी तेजी से हुआ था और दोनों के बीच संबंध कैसे बना।
आगे और शक्तिशाली टेलीस्कोप से होगी जांच वैज्ञानिक अभी LRDs के रहस्य को पूरी तरह सुलझा नहीं पाए हैं। इसके लिए और ज्यादा सटीक निरीक्षण की जरूरत होगी। वैज्ञानिक Spectroscopic Observations के जरिए इन वस्तुओं की रोशनी को अलग-अलग तरंगों में बांटकर उनकी संरचना और गति के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
इसके अलावा ऐसे टेलीस्कोप की भी जरूरत होगी, जो LRD के केंद्र की चमक और उसके आसपास मौजूद बेहद हल्की आकाशगंगा की रोशनी को अलग-अलग पहचान सके। भविष्य में Giant Magellan Telescope (GMT) जैसे अगली पीढ़ी के टेलीस्कोप इस रहस्य को समझने में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्ष James Webb Space Telescope की मदद से खोजे गए Little Red Dots ने वैज्ञानिकों के सामने शुरुआती ब्रह्मांड का एक नया रहस्य खोल दिया है। नई रिसर्च से संकेत मिले हैं कि इनके केंद्र में ब्लैक होल हो सकते हैं और इनके आसपास छोटी तारा बनाने वाली आकाशगंगाएं भी मौजूद हो सकती हैं।
हालांकि अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि सभी Little Red Dots एक ही प्रकार की वस्तुएं हैं। आने वाले समय में बेहतर टेलीस्कोप और नई रिसर्च से यह पता चल सकता है कि ये रहस्यमयी लाल बिंदु वास्तव में ब्लैक होल हैं, छोटी आकाशगंगाएं हैं या दोनों का मिश्रण।
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