तेज गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजार ने हरे निशान में शुरुआत की। NIFTY 50 25,500 के ऊपर खुला और BSE Sensex में 400 अंकों से ज्यादा की बढ़त देखी गई। हालांकि एक्सपर्ट्स सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि बाजार अभी भी सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है। आईटी सेक्टर की कमजोरी निगेटिव फैक्टर है, लेकिन विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी और मजबूत अर्थव्यवस्था पॉजिटिव संकेत दे रहे हैं। आगे बाजार की दिशा आईटी सेक्टर और FII के रुख पर निर्भर करेगी।
तेज गिरावट वाले दिन के बाद बुधवार को शेयर बाजार ने हरे निशान में शुरुआत की। पॉजिटिव से मिक्स्ड ग्लोबल संकेतों के बीच NIFTY 50 25,500 के ऊपर खुला, जबकि BSE Sensex में 400 अंकों से ज्यादा की तेजी देखी गई। सुबह 9:17 बजे के करीब निफ्टी 25,538.70 पर ट्रेड कर रहा था, जो 114 अंक या 0.45% की बढ़त दिखाता है। वहीं सेंसेक्स 82,629.13 के स्तर पर था, करीब 403 अंक या 0.49% ऊपर।
एक्सपर्ट्स क्यों हैं सतर्क? मार्केट एक्सपर्ट्स अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि निफ्टी पिछले कुछ सेशंस से एक सीमित दायरे (range-bound) में घूम रहा है और निकट भविष्य में भी ऐसा ही रह सकता है। Geojit Investments Limited के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ.
वीके विजयकुमार के मुताबिक, बाजार पर दो बड़े ट्रेंड असर डाल रहे हैं—एक निगेटिव और एक पॉजिटिव। आईटी सेक्टर में लगातार कमजोरी। Anthropic से जुड़े झटके के बाद कई बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर पिछले एक महीने में 18% से 26% तक टूट चुके हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) फरवरी में लंबे समय बाद फिर से खरीदारी करते नजर आए हैं। अगर आईटी सेक्टर में गिरावट थमती है और रिकवरी आती है, तो FII की खरीदारी बाजार को ऊपर ले जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि FII की खरीदारी को मजबूत अर्थव्यवस्था और बढ़ती कॉर्पोरेट कमाई का सपोर्ट मिल रहा है।
फाइनेंशियल्स, कैपिटल गुड्स और फार्मा जैसे सेक्टर, जहां FII निवेश कर रहे हैं, अपेक्षाकृत मजबूत बने रह सकते हैं।
ग्लोबल मार्केट का असर मंगलवार को वॉल स्ट्रीट बढ़त के साथ बंद हुआ, जहां टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी रही। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर नई उम्मीदों ने निवेशकों की चिंता कम की। एशियाई बाजारों ने भी पॉजिटिव शुरुआत की, जिससे भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला।
कमोडिटी मार्केट अपडेट सोने की कीमतें बुधवार को लगभग स्थिर रहीं, जबकि पिछले सत्र में इनमें 1% से ज्यादा की गिरावट आई थी। अमेरिकी डॉलर की मजबूती की वजह से डॉलर में कीमत वाले धातुओं पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि इससे विदेशी खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है।
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल हल्की रिकवरी दिख रही है, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क हैं। आगे की दिशा काफी हद तक आईटी सेक्टर की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी।
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